बुद्ध और अशोक के आदर्श आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक: सम्राट चौधरी

भगवान गौतम बुद्ध की प्रेरणा से सम्राट अशोक ने अपनाया शांति का मार्ग: सम्राट चौधरी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Mar 26, 2026, 6:19:00 PM

सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके महान जीवन और विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि भगवान गौतम बुद्ध की करुणा, अहिंसा और शांति के सार्वभौमिक संदेश से प्रेरित होकर सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद हिंसा और विस्तारवाद की नीति का त्याग करते हुए धर्म, दया और मानव कल्याण के मार्ग को अपनाया।

उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक परिवर्तन न केवल भारत बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जिसने यह सिद्ध किया कि सच्ची शक्ति युद्ध में नहीं, बल्कि शांति, सहिष्णुता और मानवता की सेवा में निहित होती है।

इसी महान विचारधारा और विरासत को आत्मसात करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज के दौर में भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक के आदर्श पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। समाज में बढ़ती विभाजनकारी प्रवृत्तियों और तनाव के बीच शांति, सौहार्द और भाईचारे का संदेश ही हमें एकजुट रखने का सबसे सशक्त माध्यम है।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक धरती, जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया और सम्राट अशोक ने अपने शासन को जनकल्याण के मार्ग पर अग्रसर किया,आज भी उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मूल मंत्र पर चलते हुए समाज के हर वर्ग—गरीब, वंचित, पिछड़े और अल्पसंख्यक—के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएँ हमें धैर्य, संयम और करुणा का पाठ पढ़ाती हैं, वहीं सम्राट अशोक का जीवन हमें यह सिखाता है कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सही दिशा में परिवर्तन संभव है। इन दोनों महान विभूतियों के आदर्शों को अपनाकर ही हम एक समरस, सशक्त और विकसित समाज का निर्माण कर सकते हैं।