प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर बिहार में भी दिखने लगा है। सरकार की ओर से ईंधन बचत को लेकर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आज कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इलेक्ट्रिक गाड़ी से पहुंचे। उनकी इस पहल को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं कई मंत्री एक ही गाड़ी में बैठकर कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे। इस बीच बिहार सरकार के तीन कैबिनेट मंत्रियों ने आज प्रोटोकॉल और व्यक्तिगत काफिले को छोड़कर एक ही वाहन से सफर करने का निर्णय लिया। दरअसल वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर पीएम मोदी ने देशवासियों से ईंधन की बचत करने और वाहनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की है।
वैशाली जिले के महुआ में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री संजय सिंह, गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने अलग-अलग सरकारी गाड़ियों के बजाय एक ही वाहन में सवार होकर यात्रा की। आमतौर पर कैबिनेट मंत्रियों के साथ सुरक्षा और प्रोटोकॉल का लंबा काफिला चलता है, लेकिन इन तीनों मंत्रियों ने सादगी की मिसाल पेश कर लोगों को पेट्रोल-डीजल बचाने का संदेश दिया है।
प्रधानमंत्री के पेट्रोल-डीजल बचाने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के संदेश को आगे बढ़ाते हुए तीनों मंत्रियों ने यह कदम उठाया। मंत्रियों ने अपनी विभागीय गरिमा और प्रोटोकॉल से ऊपर उठकर 'कार पूलिंग' के जरिए जनता के बीच एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया। इस पहल का उद्देश्य सरकारी खर्च में कटौती करना और आम जनता को भी ईंधन बचाने के लिए प्रेरित करना है।
तीनों मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री ने देशहित में ईंधन के संयमपूर्ण उपयोग की जो अपील की है, उसे लागू करना हम सभी का कर्तव्य है। आज हम तीनों मंत्रियों ने एक ही गाड़ी से महुआ जाने का निर्णय लिया है ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार और ऊर्जा संसाधनों की बचत में हम अपना छोटा सा योगदान दे सकें। बिहार सरकार प्रधानमंत्री के 'ईंधन संरक्षण' मिशन के साथ मजबूती से खड़ी है। बिहार सरकार के इन मंत्रियों की इस अनूठी पहल की चौतरफा प्रशंसा हो रही है।
बता दें कि आज ही बिहार सरकार ने ईंधन बचत को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की गई है। जबकि सरकारी और निजी दफ्तरों में “वर्क फ्रॉम होम” संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है, ताकि रोजाना होने वाली आवाजाही को कम किया जा सके। सीएम कारकेड में वाहनों की संख्या कम करने का फैसला किया गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने का निर्देश दिया है। जबकि जनता से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की गई है।