बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया। विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला और लालू यादव-तेजस्वी यादव को निशाने पर रखा। सम्राट चौधरी ने उम्र, नाम और डिग्री को लेकर उठ रहे सवालों का भी खुलकर जवाब दिया।
सम्राट चौधरी लालू यादव और तेजस्वी यादव पर जमकर बरसे। उन्होंने लालू यादव के मुख्यमंत्री बनने में बीजेपी के सहयोग की याद दिलाते हुए कहा कि लालू ने आरएसएस के सामने घुटना टेका था, तभी उनको पहली बार हल्दी लगी थी।
वहीं तेजस्वी यादव के लालू यादव की पाठशाला से निकले वाले बयान पर भी सम्राट ने पलटवार किया और कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं है। 14 करोड़ बिहारी के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली है। एनडीए के तमाम नेताओं के आशीर्वाद से मैं यहां बैठा हूं। गलतफहमी में ना रहे। उन्होंने कहा कि नीतीश नहीं होते तो लालू विधायक बन जाते, लेकिन नेता नहीं बन पाते।
सम्राट चौधरी ने उम्र, नाम और डिग्री को लेकर उठ रहे सवालों का भी विधानसभा में जवाब दिया और कहा कि वो अगर नाबालिग होते तो पुलिस उनको जेल नहीं ले जाती, बल्कि बाल सुधार गृह भेजती। लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और उनके परिवार के 22 सदस्यों को जबरन जेल में डाला गया था, लेकिन उन्होंने निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की।
तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में कोई किसी का उत्तराधिकारी नहीं होता। उन्होंने बीजेपी का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां देकर आगे बढ़ाया। सीएम ने एक बार फिर दोहराया कि एनडीए हमेशा किसानों और गरीबों के हित में काम करता रहा है।