नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री के बेटे व स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्विवार्षिक चुनाव के उम्मीदवार होंगे। जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने इस संबंध में लेटर जारी किया है। निशांत के अलावे भारती मेहता और ललन प्रसाद को भी कैंडिडेट बनाया गया है। पश्चिम चंपारण की रहने वाली शिवरानी देवी प्रजापति भी कैंडिडेट बनी है।
जदयू ने द्विवार्षिक चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पटना जिले से निशांत को उम्मीदवार बनाया गया है। मधुबनी की भारती मेहता को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है। पश्चिम चंपारण की शिवानी देवी प्रजापति को तीसरे उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतारा गया है। विधान परिषद की रिक्त सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए जदयू ने शेखपुरा निवासी ललन प्रसाद को उम्मीदवार घोषित किया है।
नीतीश के बेटे निशांत कुमार का जेडीयू से एमएलसी उम्मीदवार बनना लगभग तय माना जा रहा था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में उन्होंने पिछले महीने ही स्वास्थ्य मंत्री बने थे। निशांत अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। जेडीयू ने पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई एमएलसी सीट पर उपचुनाव के लिए ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। ललन प्रसाद शेखपुरा जिले के रहने वाले हैं। वह अति पिछड़ा वर्ग की धानुक जाति से आते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार वह अभी जिला परिषद के सदस्य हैं। जेडीयू ने द्विवार्षिक एमएलसी चुनाव में दो महिलाओं को भी टिकट दिया है। इनमें भारती मेहता और शिवरानी देवी प्रजापति का नाम शामिल है। भारती जेडीयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह प्रवक्ता भी हैं। इससे पहले संस्कृत बोर्ड की चेयरमैन भी रह चुकी हैं। वहीं शिवरानी देवी जेडीयू की प्रदेश सचिव हैं। वह बेतिया की जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं।
जदयू ने निशांत कुमार, भारती मेहता, शिव रानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को एमएलसी उम्मीदवार बनाया गया है। इस सूची में सामाजिक संतुलन साधने की स्पष्ट रणनीति देखने को मिल रही है। पार्टी ने 3 अति पिछड़े (EBC) और 1 पिछड़े वर्ग (OBC) समुदाय से उम्मीदवार उतारे हैं।
1.निशांत कुमार-कुर्मी (पिछड़ा)
2.भारती मेहता-नोनिया(अति पिछड़ा)
3.शिव रानी देवी प्रजापति-कुम्हार(अति पिछड़ा)
4.ललन प्रसाद-धानुक (अति पिछड़ा)
बता दें कि बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर चुनाव को लेकर नामांकन शुरू हो गया है। एक सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के त्यागपत्र देने के कारण उप चुनाव कराया जा रहा है। शेष 9 सीटों पर चुनाव होगा, जिनमें एक सीट मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा रिक्त की गई है। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है। इसके अगले दिन यानी 9 जून को सभी दाखिल नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी, जबकि नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 11 जून निर्धारित है। यदि आवश्यक हुआ, तो इन सभी सीटों के लिए 18 जून को सुबह से मतदान कराया जाएगा और उसी दिन चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।