बिहार की सियासत में राज्यसभा की पांच सीटों को लेकर मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि एक-एक वोट की कीमत कोहिनूर के हीरे जैसी हो गई है। इसी सियासी हलचल के बीच आज नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav के सरकारी आवास पर एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष Akhtarul Iman उनसे मुलाकात करने वाले हैं.
इस मुलाकात से पहले अख्तरुल ईमान के एक बयान ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। उनके बयान के बाद महागठबंधन और एनडीए—दोनों ही खेमों में बेचैनी बढ़ गई है। दरअसल, राज्यसभा की पांचवीं सीट का गणित अब पूरी तरह से एआईएमआईएम के पांच विधायकों और बीएसपी के एक विधायक के समर्थन पर टिक गया है। ऐसे में इन विधायकों का रुख तय करेगा कि आखिरी सीट किसके खाते में जाएगी।
तेजस्वी यादव से मिलने से ठीक पहले अख्तरुल ईमान ने अपनी सियासी स्थिति को बेहद शायराना लेकिन तीखे अंदाज में जाहिर किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा—“सियासी चक्कर में हम किधर जाएं? एक तरफ दरिंदा है और दूसरी तरफ शिकारी… मैं तो दोनों से बच-बचकर चलता हूं।”
ईमान के इस बयान को साफ तौर पर एनडीए और महागठबंधन—दोनों पर तंज के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वे तेजस्वी यादव से मुलाकात जरूर करेंगे, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी सुप्रीमो Asaduddin Owaisi ही लेंगे, जो हैदराबाद में मौजूद हैं।
यानी साफ है कि बिहार की राज्यसभा की पांचवीं सीट का फैसला अब सीधे तौर पर ओवैसी के पाले में जाता दिख रहा है। अगर एआईएमआईएम समर्थन देती है तो महागठबंधन की राह आसान हो सकती है, लेकिन अगर पार्टी तटस्थ रहने का फैसला करती है, तो मुकाबला और भी पेचीदा हो जाएगा।
फिलहाल सबकी निगाहें तेजस्वी यादव और अख्तरुल ईमान की इस अहम मुलाकात पर टिकी हैं, क्योंकि यही मुलाकात तय कर सकती है कि बिहार की सियासत में पांचवीं राज्यसभा सीट किसके खाते में जाएगी।