सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को शपथ ली और उसी दिन जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी उपमुख्यमंत्री बने। हालांकि अब तक कैबिनेट का विस्तार नहीं हो सका है। अटकलें तेज है और तारीख पर तारीख बढ़ रही है। बंगाल चुनाव से भी जोड़ा गया, अब पश्चिम बंगाल चुनाव का मतदान भी खत्म हुआ और 4 मई को रिजल्ट भी आएंगे। अब खबर छनकर आ रही है कि सम्राट चौधरी 3 या 6 मई को कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं।
नीतीश कुमार की तरह सम्राट चौधरी कैबिनेट में भी सभी 36 पद नहीं भरे जाएंगे, बल्कि जदयू और बीजेपी कोटे से 1-2 मंत्री पद खाली रखा जाएगा। क्योंकि अगर भविष्य में दूसरे दलों में तोड़-फोड़ करनी पड़ी तो उसको ये ऑफर किया जा सके। साथ ही यह चर्चा तेज है कि भाजपा से ज्यादा जदयू के मंत्री हो सकते हैं क्योंकि पूर्व सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में भाजपा के मंत्रियों की संख्या जदयू से ज्यादा थी। ऐसे में इस बार सीएम का पद बीजेपी के पास है तो जदयू के मंत्रियों की संख्या ज्यादा होगी। मंत्रालय बंटवारे में भी नीतीश के फॉर्मूले से चले तो जदयू को कई बड़े मंत्रालय भी मिल सकते हैं। सम्राट सरकार में सीएम और दोनों डिप्टी सीएम के अलावा भाजपा के 14 और जदयू के 15 नेता मंत्री बन सकते हैं।
कैबिनेट विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा विजय सिन्हा की है ये तो फ़ाइनल है उनको मंत्री बनाया जाएगा लेकिन विभाग कौन सा मिलेगा इसको लेकर अटकलें तेज है। नीतीश सरकार में विजय कुमार सिन्हा के पास राजस्व और भूमि सुधार, खनन और भूतत्व के अलावा भाजपा के अध्यक्ष बने नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद से नगर विकास और आवास विभाग भी था। ऐसे में देखना होगा कि विजय सिन्हा को पुराना ही विभाग मिलता है या उन्हें पथ निर्माण विभाग का मंत्री बनाया जा सकता है जिसकी अटकलें तेज है।
वहीं कैबिनेट में संभावित चेहरों की बात करें तो जेडीयू से दोनों उपमुख्यमंत्री के आलावा श्रवण कुमार, लेशी सिंह, अशोक चौधरी, जमा खान, शीला मंडल, सुनील कुमार, मदन सहनी, रत्नेश सदा, भगवान सिंह कुशवाहा, जयंत राज के नाम की चर्चा है। ये सभी पहले भी मंत्री रहे हैं। दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत की टीम से आने वाले कुछ विधायक भी मंत्री बन सकते हैं। इसमें चेतन आनंद जैसे युवा चेहरों का भी नाम है। सरप्राइज के तौर पर कोमल सिंह का नाम भी आ सकता है।
वहीं बीजेपी में पुराने चेहरे के साथ-साथ नए चेहरे को ज्यादा मौका मिलने की संभावना है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संकेत दिया है कि मंत्रिमंडल संतुलित होगा और युवाओं व महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। जो संभावित चेहरे हैं उनमें विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह 'टाइगर' का नाम है। जबकि आरएलएम से उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश फिर से मंत्री बन सकते हैं. इसकी पूरी संभावना है। चिराग पासवान अपनी पार्टी से संजय पासवान और संजय सिंह को दोबारा मौका दे सकते हैं। जीतन राम मांझी की पार्टी हम की ओर से संतोष सुमन का नाम लगभग तय है।