'छोटे सरकार' को बड़ी राहत! 10 करोड़ की रंगदारी मामले में विधायक अनंत सिंह बरी

बिहार की राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर जेडीयू विधायक अनंत सिंह के लिए कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत की खबर सामने आई है

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 22, 2026, 9:28:00 AM

बिहार की राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर जेडीयू विधायक अनंत सिंह के लिए कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पटना स्थित विशेष MP-MLA कोर्ट ने करीब 11 साल पुराने 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के हाई-प्रोफाइल मामले में उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार मालवीय ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि अभियोजन पक्ष विधायक के खिलाफ कोई ठोस सबूत या विश्वसनीय गवाह पेश करने में पूरी तरह असफल रहा।

यह पूरा मामला साल 2014 का है। पटना के श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र में राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विधायक अनंत सिंह के करीबी बंटू सिंह समेत चार लोग उनके घर में घुसे और 10 करोड़ रुपये की रंगदारी देने की धमकी दी। आरोप था कि कहा गया—“अनंत सिंह को पैसे पहुंचा दो।” इस मामले में पुलिस ने अनंत सिंह और बंटू सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद से यह केस अदालत में लंबित था।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर साबित हुआ। विधायक के अधिवक्ता सुनील कुमार के मुताबिक, अनुसंधानकर्ता यानी IO के अलावा कोई भी अन्य गवाह अदालत में बयान देने नहीं पहुंचा। न तो पीड़ित पक्ष की गवाही हुई और न ही ऐसे दस्तावेज पेश किए गए, जिससे आरोपों की पुष्टि हो सके। इसी आधार पर अदालत ने माना कि आरोप संदेह से परे साबित नहीं होते हैं।

परिणामस्वरूप, कोर्ट ने अनंत सिंह और बंटू सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दे दिया। फैसले के बाद कोर्ट परिसर के बाहर समर्थकों में जश्न का माहौल देखा गया। समर्थकों ने इसे “सच की जीत” बताया।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह फैसला अनंत सिंह के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। 11 साल तक चले इस मामले से छुटकारा मिलना उनके राजनीतिक भविष्य के लिए बड़ी राहत है। लंबे समय से कानूनी लड़ाई झेल रहे विधायक के सिर से एक बड़ा आपराधिक आरोप हट गया है, जिसे उनके समर्थक निर्णायक मोड़ मान रहे हैं।