बंगाल में नई सरकार के बड़े फैसले! सीमा सुरक्षा, BNS लागू करने और आयुष्मान योजना पर कैबिनेट की मुहर

बंगाल में नई सरकार के बड़े फैसले! सीमा सुरक्षा, BNS लागू करने और आयुष्मान योजना पर कैबिनेट की मुहर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 11, 2026, 4:10:00 PM

पश्चिम बंगाल में नई BJP सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर लंबित फेंसिंग कार्य को तेज करने के लिए राज्य सरकार BSF को जमीन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसे अगले 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

हावड़ा स्थित राज्य सचिवालय नाबन्ना में हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है। उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में पर्याप्त सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया।

कैबिनेट बैठक में राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने को भी मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री का कहना था कि पुराने IPC और CrPC की जगह केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए आपराधिक कानूनों को पश्चिम बंगाल में अब तक लागू नहीं किया गया था। नई सरकार ने इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा केंद्र की स्वास्थ्य योजनाओं को भी राज्य में लागू करने का फैसला लिया गया। सरकार ने कहा कि आयुष्मान भारत और जन आरोग्य योजना सहित कई केंद्रीय योजनाओं को जल्द शुरू किया जाएगा। उज्ज्वला योजना से जुड़ी लंबित फाइलों और प्रस्तावों को भी केंद्र सरकार के पास भेजा गया है।

बैठक में प्रशासनिक ढांचे से जुड़े निर्णय भी लिए गए। IAS और IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति देने का फैसला हुआ, जबकि राज्य सरकारी नौकरियों में आयु सीमा या सेवा अवधि से जुड़े प्रावधानों में पांच वर्ष के विस्तार की घोषणा भी की गई।

नई सरकार ने राजनीतिक हिंसा के मामलों को लेकर भी संवेदनशील रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी हिंसा में जान गंवाने वाले 321 BJP कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पीड़ित परिवार चाहें तो इन मामलों की जांच शुरू कराई जा सकती है।

पहली कैबिनेट बैठक में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, क्षुदीराम और अशोक कीर्तनिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हालांकि अब तक मंत्रियों के विभागों का औपचारिक बंटवारा नहीं किया गया है।

भारत-बांग्लादेश सीमा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो देश के किसी भी राज्य की सबसे बड़ी सीमा मानी जाती है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार भारत-बांग्लादेश सीमा की कुल लंबाई 4,097 किलोमीटर है, जिसमें अधिकांश हिस्से पर फेंसिंग हो चुकी है, लेकिन कई इलाकों में अभी भी काम अधूरा है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रस्तावित 127 किलोमीटर के संवेदनशील हिस्से में पिछली सरकार के दौरान बहुत कम काम हुआ था। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2021 में केंद्र ने BSF का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक कर दिया था, जिसका तत्कालीन राज्य सरकार ने विरोध किया था और विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव भी पारित किया गया था।