आज 27 जनवरी को देशभर में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं, क्योंकि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU के आह्वान पर की गई है। पटना के आर ब्लॉक कैंपस परिसर समेत देश के कई हिस्सों में बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
UFBU में सरकारी बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों की यूनियनें शामिल हैं। हड़ताल का असर इतना व्यापक रहा कि कई शहरों में बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहीं, जबकि कुछ जगहों पर आंशिक रूप से कामकाज हुआ। इस दौरान नकद जमा, निकासी और चेक क्लीयरिंग जैसी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं।
हड़ताल का सबसे बड़ा कारण बैंक कर्मचारियों की फाइव डे बैंकिंग की मांग है। कर्मचारी सप्ताह में सिर्फ 5 दिन काम करने की व्यवस्था को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए समझौते में सभी शनिवार छुट्टी देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। 23 जनवरी को सरकार के साथ हुई बैठक के बाद भी जब कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, तो यूनियन ने काम रोकने का निर्णय लिया।
हड़ताल का सीधा असर SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े सरकारी बैंकों पर पड़ा है। लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने के कारण कई इलाकों में कैश की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। कई जगह एटीएम भी खाली हो गए, जिससे ग्राहकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
हालांकि राहत की बात यह रही कि नेट बैंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन की सेवाएं चालू रहीं। वहीं HDFC, ICICI और Axis जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों की शाखाएं आज खुली रहीं और वहां कामकाज सामान्य रूप से चलता रहा।