हिमंता सरकार का बड़ा फैसला! असम में लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड

हिमंता सरकार का बड़ा फैसला! असम में लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 13, 2026, 5:50:00 PM

असम सरकार ने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इसे कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को घोषणा की कि प्रस्तावित कानून को 26 मई को विधानसभा में पेश किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के आदिवासी समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यह फैसला भाजपा के चुनावी संकल्प के अनुरूप लिया गया है। उनके अनुसार, असम की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए यूसीसी का प्रारूप तैयार किया गया है, ताकि पारंपरिक रीति-रिवाजों और स्थानीय प्रथाओं पर असर न पड़े।

सरमा ने बताया कि राज्य में प्रचलित जनजातीय परंपराएं, सामाजिक रीति-रिवाज और सांस्कृतिक व्यवस्थाएं इस कानून से प्रभावित नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित यूसीसी मुख्य रूप से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन संबंधों तथा विवाह और तलाक के अनिवार्य पंजीकरण जैसे विषयों को विनियमित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड, गोवा और गुजरात जैसे राज्यों में यूसीसी लागू होने के बाद असम ने अपने सामाजिक ढांचे के अनुसार अलग मॉडल तैयार किया है। उनके मुताबिक, राज्य सरकार का उद्देश्य कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्पष्टता सुनिश्चित करना है, जबकि सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखा जाएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने नए कार्यकाल के पहले आधिकारिक कार्यक्रम में असम के प्रथम मुख्यमंत्री और भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य भी मौजूद रहे। सरमा ने कहा कि बोरदोलोई ने असम और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया था और नई सरकार उसी भावना के साथ काम आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य असम की सुरक्षा, विकास और आर्थिक प्रगति को नई गति देना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरी गंभीरता से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनावी भाषणों का दौर समाप्त हो चुका है और अब जनता परिणाम देखना चाहती है।

सरमा ने जानकारी दी कि असम विधानसभा का पहला सत्र 21 मई से शुरू होगा, जिसमें नव निर्वाचित विधायक शपथ ग्रहण करेंगे। वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह का भी उल्लेख किया और कहा कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और उद्योग जगत से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने राष्ट्रीय स्तर पर असम की बढ़ती अहमियत को दर्शाया है। उनके अनुसार, राज्य तेजी से निवेश, औद्योगिक विकास और पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।