अंकित–अभिषेक की सीएम नीतीश से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें, क्या जेल से बाहर आएंगे अनंत सिंह?

बिहार की सियासत में मोकामा का मतलब है—अनंत सिंह! लेकिन क्या अब 'छोटे सरकार' की सल्तनत को संभालने के लिए अगली पीढ़ी तैयार हो गई है? जेल की सलाखों के पीछे बंद अनंत सिंह और मुख्यमंत्री आवास में नीतीश कुमार से मिलती नीलम देवी...

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 28, 2025, 3:38:00 PM

बिहार की सियासत में मोकामा का मतलब है—अनंत सिंह! लेकिन क्या अब 'छोटे सरकार' की सल्तनत को संभालने के लिए अगली पीढ़ी तैयार हो गई है? जेल की सलाखों के पीछे बंद अनंत सिंह और मुख्यमंत्री आवास में नीतीश कुमार से मिलती नीलम देवी... आखिर मोकामा की राजनीति में कौन सी नई खिचड़ी पक रही है?

खबर यह है कि मोकामा के बाहुबली नेता और विधायक अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी अपने दोनों बेटों के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे हैं।

क्या अनंत सिंह के दोनों बेटे—अंकित और अभिषेक—बिहार की राजनीति में बड़ा धमाका करने वाले हैं?"

तस्वीरें गवाह हैं कि मोकामा की राजनीति में कुछ बड़ा होने वाला है।

पूर्व विधायक नीलम देवी अपने दोनों बेटों के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुँचीं। कहने को तो यह शिष्टाचार मुलाकात हो सकती है, लेकिन बिहार की राजनीति में ऐसी मुलाकातों के मायने गहरे होते हैं। जब पिता जेल में हों और माँ सत्ता के गलियारों में बेटों के साथ दिखें, तो सवाल उठना लाजमी है—क्या मोकामा को नया चेहरा मिलने वाला है?"

लेकिन असली हलचल सड़कों पर है! मोकामा के गांवों में इन दिनों एक नजारा चर्चा का विषय बना हुआ है। लगभग 50 गाड़ियों का लंबा काफिला, समर्थकों की भारी भीड़ और बीच में अनंत सिंह के बेटे। बिल्कुल वही अंदाज, वही तेवर और वही जनता से जुड़ने का तरीका। अंकित और अभिषेक गाँव-गाँव जा रहे हैं, बुजुर्गों का आशीर्वाद ले रहे हैं और लोगों के सुख-दुख में शामिल हो रहे हैं। ये महज दौरा है या आने वाले चुनाव  की तैयारी?"

अनंत सिंह फिलहाल कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और उनके समर्थक बेसब्री से उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन कानून की अपनी प्रक्रिया है। ऐसे में 'छोटे सरकार' की राजनीतिक विरासत को कौन आगे बढ़ाएगा? क्या उनके बेटे अब औपचारिक तौर पर राजनीति में एंट्री करने जा रहे हैं? मोकामा की जनता के मन में भी यही सवाल है कि क्या पिता की जगह अब बेटे क्षेत्र की कमान संभालेंगे?"

मोकामा के मौजूदा विधायक अनंत सिंह इन दिनों जेल की सलाखों के पीछे हैं। बीच चुनाव पटना पुलिस ने उन्हें एक हत्याकांड मामले में संलिप्त बताते हुए गिरफ्तार किया था। इसके बाद से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मोकामा और आसपास के इलाकों में रहने वाले उनके समर्थक लगातार इस उम्मीद में हैं कि जल्द ही कोर्ट से फैसला अनंत सिंह के पक्ष में आएगा और ‘छोटे सरकार’ एक बार फिर जेल से बाहर निकलकर अपने पुराने अंदाज में जनता के बीच लौटेंगे। फिलहाल सबकी निगाहें न्यायालय के फैसले पर टिकी हुई हैं।