विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह, शपथ के बाद सीएम नीतीश का पैर छूकर लिया आशीर्वाद; बोले—न्यायपालिका पर पूरा भरोसा

बाहुबली नेता और मोकामा से निर्वाचित विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ग्रहण कर ली। लंबे कानूनी संघर्ष और राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बाद विधानसभा पहुंचने पर अनंत सिंह का अंदाज चर्चा का विषय बन गया।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Feb 03, 2026, 11:20:00 AM

बिहार की राजनीति में एक बार फिर मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में हैं। लंबे कानूनी संघर्ष और राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बाद मंगलवार को अनंत सिंह ने बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ग्रहण कर ली। जैसे ही वे विधानसभा पहुंचे, सदन से लेकर सियासी गलियारों तक उनकी मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।

पटना सिविल कोर्ट से शपथ लेने की अनुमति मिलने के बाद अनंत सिंह को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विधानसभा लाया गया। विधानसभा परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शपथ ग्रहण के दौरान सदन में मौजूद विधायकों और दर्शकों की नजरें अनंत सिंह पर टिकी रहीं। शपथ पूरी होने के बाद उन्होंने शांत लेकिन भावुक अंदाज में अपनी बात रखी।

शपथ लेने के बाद अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दृश्य ने सदन में मौजूद हर किसी का ध्यान खींचा। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में भी खूब चर्चा हुई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के मुखिया हैं और उनसे आशीर्वाद लेना उनके संस्कार और परंपरा का हिस्सा है। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उन्हें आशीर्वाद दिया और संक्षिप्त बातचीत की।

मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चल रहे सभी मामलों में सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने साफ कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें विधायक चुना है, वे उस भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।

अनंत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मुख्य फोकस मोकामा विधानसभा क्षेत्र का विकास रहेगा। सड़कों की हालत सुधारना, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना उनकी राजनीति का केंद्र होगा।

उन्होंने कहा, “मेरे क्षेत्र की जनता ने हमेशा मेरा साथ दिया है। अब मेरी जिम्मेदारी है कि उनकी आवाज विधानसभा में मजबूती से उठाऊं।”

मोकामा से लेकर पटना तक, अनंत सिंह की यह वापसी बिहार की राजनीति में एक बार फिर नई बहस और हलचल पैदा कर रही है।