बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मोकामा विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधायक अनंत सिंह के दोनों बेटे, अंकित सिंह और अभिषेक सिंह, हाल ही में केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी भी मौजूद थीं। इस राजनीतिक मुलाकात के बाद राज्य की सियासत में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अनंत सिंह के दोनों बेटे जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए यह मुलाकात राजनीतिक भविष्य की रणनीति को लेकर हुई है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि यह मुलाकात अनंत सिंह की कानूनी स्थिति और जेल से रिहाई की संभावनाओं को लेकर हो सकती है।
गौरतलब है कि अनंत सिंह पिछले कई महीनों से पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। चुनाव के दौरान मोकामा में हुई एक झड़प के मामले में उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया था, जिसमें जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह ने कई बार जमानत की अर्जी दी, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है।
इसके बावजूद अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए मोकामा विधानसभा सीट से बड़ी जीत दर्ज की। उनका मुकाबला सुरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी से था, जिन्हें उन्होंने करीब 28 हजार वोटों के अंतर से हराया। हालांकि अब तक अनंत सिंह ने विधायक पद की शपथ नहीं ली है। कानून के अनुसार उनके पास शपथ लेने के लिए छह महीने का समय है, अन्यथा उनकी विधायकी खतरे में पड़ सकती है।
ऐसे में ललन सिंह से हुई यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है।
माना जा रहा है कि यदि अनंत सिंह लंबे समय तक जेल में रहते हैं, तो उनके बेटे जदयू के टिकट पर राजनीति में उतर सकते हैं। कुल मिलाकर, मोकामा की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है और आने वाले दिनों में इस मुलाकात के असर साफ तौर पर दिख सकते हैं।