तीन दिवसीय सीमांचल दौरे पर बिहार पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के एक बयान से राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। अररिया में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि जल्द ही बिहार से घुसपैठियों को “चुन-चुनकर बाहर” किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्ष ने इसे चुनावी माहौल से जोड़ दिया है।
राजद नेता Tejashwi Yadav ने शाह के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए इसे बीजेपी का चुनावी स्टंट बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए इस तरह के मुद्दों को जानबूझकर उछाला जा रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जहां भी चुनाव आता है, बीजेपी घुसपैठ का मुद्दा उठाकर लोगों को बांटने की कोशिश करती है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि बिहार में घुसपैठियों का कोई मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई घुसपैठिया आया भी है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की है, क्योंकि पिछले 21 वर्षों से राज्य और केंद्र में उनकी ही सरकार का प्रभाव रहा है।
सीएजी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए तेजस्वी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां 24 घंटे के भीतर इंदिरा आवास के निर्माण, ढलाई और बीम तक लगने का दावा किया गया, जिसकी तस्वीरें भी रिपोर्ट में शामिल हैं। इसे उन्होंने सरकारी खजाने की लूट करार दिया।
वहीं राज्यसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव ने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी पूरी तैयारी में है। उन्होंने कहा कि जल्द ही उम्मीदवार के नाम की घोषणा की जाएगी और पर्याप्त संख्या बल के आधार पर इस बार जीत उनकी ही होगी।