आलोक राज ने BSSC चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, ज्वाइनिंग के 2 दिन बाद ही छोड़ा पद

बिहार से इस वक्त एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। बिहार के पूर्व डीजीपी और सीनियर आईपीएस अधिकारी आलोक राज ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग यानी BSSC के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 06, 2026, 4:24:00 PM

बिहार से इस वक्त एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। बिहार के पूर्व डीजीपी और सीनियर आईपीएस अधिकारी आलोक राज ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग यानी BSSC के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आलोक राज ने महज दो दिन पहले ही इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन अब उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से हटने का फैसला लिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, आलोक राज ने अपना इस्तीफा सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया है। हालांकि उनके इस्तीफे के पीछे की ठोस वजहों को लेकर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन निजी कारणों की बात कही जा रही है।

आपको बता दें कि 31 दिसंबर को ही नीतीश कुमार सरकार ने आलोक राज को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। बिहार के डीजीपी पद से सेवानिवृत्त होने के तुरंत बाद उन्हें बिहार कर्मचारी चयन आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति इसलिए भी खास मानी जा रही थी क्योंकि रिटायरमेंट के तुरंत बाद उन्हें एक संवैधानिक और महत्वपूर्ण पद सौंपा गया था।

अब उनके अचानक इस्तीफे से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर दो दिन के भीतर ऐसा क्या हुआ कि आलोक राज को यह फैसला लेना पड़ा। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम और नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर टिकी हुई हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, आलोक राज अगले पांच वर्षों तक यानी 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष के पद पर बने रहना था. आलोक राज ने 2 दिन पहले ही अपने पद पर ज्वाइन किया था.

बता दें, 1989 बैच के IPS अधिकारी आलोक राज बिहार पुलिस के वरिष्ठ और भरोसेमंद आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं. सेवानिवृत्ति से पहले वे बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को गति दी थी. प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के लिए उनकी पहचान रही है. बता दें, बिहार कर्मचारी चयन आयोग राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है. हाल के वर्षों में आयोग की परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार का यह फैसला अहम माना जा रहा है.