बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने विधानसभा और विधान परिषद में पार्टी की रणनीतिक पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। सरकार की ओर से दोनों सदनों में मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक और उप नेता जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का पुनर्गठन किया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति को आधिकारिक रूप से पत्र भेजकर नई नियुक्तियों की जानकारी दी है।
विधानसभा में भाजपा विधायक संजीव चौरसिया को मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि मनजीत कुमार सिंह को उप मुख्य सचेतक बनाया गया है। इसके अलावा कई विधायकों को सचेतक के रूप में नियुक्त किया गया है। इनमें गायत्री देवी, राजू तिवारी, रामविलास कामत, सुधांशु शेखर, राणा रणधीर, ललित नारायण मंडल, कृष्ण कुमार ऋषि, अरुण मांझी और रत्नेश कुमार के नाम शामिल हैं।
वहीं, बिहार विधान परिषद में भी संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। परिषद में ललन कुमार सराफ और राजेंद्र प्रसाद गुप्ता को उप नेता की जिम्मेदारी दी गई है। संजय कुमार सिंह को मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है, जबकि जनक राम को उप मुख्य सचेतक बनाया गया है। इसके साथ ही नीरज कुमार और रीना देवी को सचेतक की भूमिका सौंपी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच तालमेल को और मजबूत करना है। सदन की कार्यवाही के दौरान सचेतकों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। वे पार्टी विधायकों और सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर पार्टी की रणनीति को लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आगामी विधानसभा और परिषद सत्रों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किए गए हैं ताकि सदन की कार्यवाही अधिक संगठित और प्रभावी तरीके से संचालित हो सके।