मोतिहारी में अनोखा नजारा: उद्घाटन के बाद योजनाओं के बोर्ड गिनने लगे नीतीश कुमार, अधिकारियों ने भी किया फॉलो

समृद्धि यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्वी चंपारण के मोतिहारी पहुंचे। यहां आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 2005 से पहले के बिहार की तस्वीर जनता के सामने रखी।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Jan 17, 2026, 4:06:00 PM

समृद्धि यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्वी चंपारण के मोतिहारी पहुंचे। यहां आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 2005 से पहले के बिहार की तस्वीर जनता के सामने रखी।

CM नीतीश ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम ढलते ही घर से बाहर निकलने में डरते थे। समाज में आए दिन विवाद होते थे और हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थे। पढ़ाई-लिखाई की हालत भी बेहद कमजोर थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय इलाज की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं थी। सड़कें बेहद खराब थीं और बिजली बहुत कम जगहों पर उपलब्ध थी। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार आई, तब हमने एक-एक कर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और बिजली—हर क्षेत्र में काम किया गया।

CM नीतीश ने पुराने शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनसे पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया। हमने शुरू से ही बिहार के विकास के लिए ईमानदारी से काम किया है। मुख्यमंत्री ने जनता से सवाल करते हुए कहा कि आज क्या कहीं हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते हैं? आज बिहार में शांति, विकास और कानून-व्यवस्था है।

इससे पहले मुख्यमंत्री मोतिहारी के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने सहस्त्रालिंगम शिवलिंग की स्थापना पूजा में भाग लिया। CM नीतीश करीब 20 मिनट तक मंदिर परिसर में रुके और पूजा-अर्चना की।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिले में करीब 200 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

 कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजनाओं के बोर्ड देखकर अधिकारियों से पूछा कि कुल कितने बोर्ड लगाए गए हैं।

अफसरों ने बताया कि करीब 60 से 70 बोर्ड हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री खुद बोर्ड गिनने लगे और उनके साथ अधिकारी भी गिनती में जुट गए। आखिर में सभी ने पुष्टि की कि कुल 70 बोर्ड लगाए गए हैं।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों के स्टॉल का निरीक्षण किया और उनके काम की सराहना की।