पश्चिम बंगाल : मतदाता सूची से हटाये गये नाम 90 लाख के पार, न्यायिक प्रक्रिया के बाद बढ़ सकती है संख्या

पश्चिम बंगाल : मतदाता सूची से हटाये गये नाम 90 लाख के पार, न्यायिक प्रक्रिया के बाद बढ़ सकती है संख्या

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 07, 2026, 3:05:00 PM

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत हटाए गए वोटरों की संख्या 90 लाख से अधिक हो चुकी है। सोमवार आधी रात के बाद न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण के समाप्त होने पर भारतीय चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि अंतिम आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, न्यायिक समीक्षा के लिए कुल 60,06,675 मामलों को भेजा गया था। इनमें से 59,84,512 मामलों का निपटारा हो चुका है और संबंधित न्यायिक अधिकारियों द्वारा ई-हस्ताक्षर भी किए जा चुके हैं। इन मामलों की जांच के बाद 27,16,393 मतदाताओं को सूची से हटाने योग्य माना गया।

इस प्रकार, अब तक की पूरी प्रक्रिया को मिलाकर पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की संख्या 90,83,345 तक पहुंच गई है। हालांकि, अभी 22,163 मामलों में ई-सिग्नेचर की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है, जिसके बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि SIR की शुरुआत से पहले, नवंबर में राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 थी। इसके बाद दिसंबर में जारी प्रारंभिक मतदाता सूची में 58,20,899 नाम हटाए गए थे, जबकि 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 63,66,952 हो गई थी। अब न्यायिक प्रक्रिया के बाद इसमें और इजाफा हुआ है।

हालांकि, जिन मतदाताओं के नाम हटाने योग्य पाए गए हैं, उन्हें राहत पाने का अवसर दिया गया है। ऐसे लोग राज्य में गठित 19 अपीलीय ट्रिब्यूनलों में अपील कर सकते हैं।

जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक मामले मुर्शिदाबाद से सामने आए हैं, जहां 4,55,137 नाम हटाए गए हैं। इसके बाद नॉर्थ 24 परगना में 3,25,666 और मालदा में 2,39,375 नाम सूची से बाहर किए गए हैं।

इसी बीच, राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। दो चरणों में होने वाले मतदान की तारीखें 23 और 29 अप्रैल तय की गई हैं। पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग होगी, जबकि दूसरे चरण में शेष 142 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।