JNU में विवादित नारेबाजी का वीडियो वायरल, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

JNU में विवादित नारेबाजी का वीडियो वायरल, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 06, 2026, 1:50:00 PM

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सोमवार रात कुछ छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का लगभग 35 सेकेंड का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो में कुछ छात्र समूहबद्ध होकर विवादास्पद नारे लगाते और गाते दिखाई दे रहे हैं। यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े कथित साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया है कि यह नारेबाजी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में की गई। उन्होंने इसे विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्रविरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने वाला कृत्य बताया।

वहीं, जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि हर वर्ष 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की बरसी पर छात्र विरोध दर्ज कराते हैं। उनके अनुसार, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे वैचारिक थे, किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं थे और न ही उनका उद्देश्य किसी पर व्यक्तिगत हमला करना था।

इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से छात्रों और समर्थकों में गुस्सा है। उनके अनुसार, उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ अन्याय हुआ है और यह आक्रोश उसी का परिणाम है। उन्होंने कोर्ट के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जेएनयू को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ का अड्डा करार दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोगों का समर्थन करते हैं, वे देशविरोधी मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं। इस बीच, सीपीआई (एम) नेता हन्नान मोल्लाह ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भले ही इस तरह के नारे पहले भी लगाए गए हों, लेकिन छात्रों को नारेबाजी के दौरान बेहद सतर्क रहना चाहिए। दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग बार-बार देशविरोधी और न्यायपालिका के खिलाफ नारे लगाते हैं, लेकिन यह उनकी हताशा और छटपटाहट को दर्शाता है।