UIDAI कर रहा ऑफलाइन वेरिफिकेशन पर प्रतिबंध की तैयारी, जल्द फोटो और QR कोड के साथ जारी होगा नया आधार कार्ड

UIDAI कर रहा ऑफलाइन वेरिफिकेशन पर प्रतिबंध की तैयारी, जल्द फोटो और QR कोड के साथ जारी होगा नया आधार कार्ड

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Nov 20, 2025, 2:39:00 PM

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) लोगों के व्यक्तिगत डेटा के गलत इस्तेमाल और ऑफलाइन वेरिफिकेशन के दुरुपयोग को रोकने के लिए आधार कार्ड में बदलाव करने पर विचार कर रही है। वर्तमान में, कई संस्थाएं आधार कार्ड की कॉपी जमा करके स्टोर कर लेती हैं, जबकि कानून इसके लिए अनुमति नहीं देता। आधार एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति का आधार नंबर या बायोमेट्रिक डेटा बिना अनुमति के इकट्ठा, स्टोर या इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने ओपन ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिसंबर से नए नियम लागू करने की योजना है। इसके तहत होटल, इवेंट ऑर्गनाइज़र और अन्य संस्थाओं द्वारा ऑफलाइन वेरिफिकेशन को रोकने के प्रयास किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी बनाए रखते हुए उम्र वेरिफिकेशन और अन्य प्रक्रियाओं को डिजिटल तरीके से सरल बनाना है।

भुवनेश कुमार ने कहा, "हम सोच रहे हैं कि आधार कार्ड में सिर्फ फोटो और QR कोड हो। प्रिंटेड कार्ड का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। कार्ड को केवल आधार नंबर या QR कोड से ही वेरिफाई किया जाना चाहिए, न कि डॉक्यूमेंट की तरह इस्तेमाल किया जाए।"

UIDAI ने बैंकों, फिनटेक कंपनियों, होटलों समेत अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की और नए ऐप के रोलआउट की जानकारी साझा की। नया ऐप mAadhaar ऐप की जगह लेगा और उपयोगकर्ताओं को अपने एड्रेस प्रूफ अपडेट करने, परिवार के अन्य सदस्यों को जोड़ने और मोबाइल नंबर अपडेट करने की सुविधा देगा। ऐप फेस ऑथेंटिकेशन फीचर के माध्यम से काम करेगा और विभिन्न एंटिटीज को आसानी से आधार वेरिफिकेशन करने में मदद करेगा।

नए ऐप के जरिए इवेंट्स में एंट्री, सिनेमा हॉल में टिकट खरीदना, 18 साल से ऊपर के प्रोडक्ट्स खरीदना, स्टूडेंट वेरिफिकेशन, होटलों में चेक-इन और रेजिडेंशियल सोसाइटियों में एंट्री जैसी प्रक्रियाओं में आसानी होगी।

UIDAI ने ऑफलाइन वेरिफिकेशन चाहने वाली संस्थाओं (OVSE) के लिए सिस्टम अपडेट की जानकारी भी जारी की है। QR कोड स्कैन करने और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए व्यक्ति की पहचान सत्यापित की जाएगी। OVSE की तकनीकी इंटीग्रेशन प्रक्रिया को मंजूरी मिलने के बाद ही आधार डेटाबेस से डेटा एक्सेस करने की अनुमति दी जाएगी।

इस कदम से आधार कार्ड का दुरुपयोग कम होगा और वेरिफिकेशन प्रक्रियाएं अधिक सुरक्षित और डिजिटल हो जाएंगी।