ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर दो साल का राष्ट्रीय अभियान, PM मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति में पूर्णिमा साहू शामिल

ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर दो साल का राष्ट्रीय अभियान, PM मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति में पूर्णिमा साहू शामिल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 17, 2026, 10:39:00 AM

महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने एक व्यापक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय कार्यक्रम की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर में दो वर्षों तक विभिन्न गतिविधियों और आयोजनों के माध्यम से फुले के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को आमजन तक पहुंचाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 11 अप्रैल 2026 को की जा चुकी है, जो 11 अप्रैल 2028 तक जारी रहेगा।

इस स्मरणोत्सव को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए केंद्र सरकार ने बहुस्तरीय संरचना तैयार की है। कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अगुवाई में राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति का गठन किया गया, जिसे 6 अप्रैल 2026 को औपचारिक स्वीकृति दी गई। इसकी अधिसूचना संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी की गई है।

पूरे आयोजन की दिशा और निगरानी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 126 सदस्यों वाली एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। इस समिति में देश की राजनीति, न्यायपालिका और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई प्रमुख नाम शामिल हैं। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और रामनाथ कोविंद, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और के.जी. बालकृष्णन जैसे वरिष्ठ व्यक्तित्व इसमें शामिल किए गए हैं। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह तथा नितिन गडकरी सहित कई केंद्रीय मंत्री भी इस समिति का हिस्सा हैं।

इसके अतिरिक्त, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनप्रतिनिधियों को भी समिति में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनमें एस. फांग्नोन कोन्यक, आर. कृष्णैया, अमोल कोल्हे, ज्योति वाघमारे, पी.टी. उषा और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नाम शामिल हैं।

इस राष्ट्रीय समिति में झारखंड से जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू को विशेष स्थान मिला है। वह राज्य से शामिल होने वाली एकमात्र महिला सदस्य हैं, जिसे उनके राजनीतिक जीवन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्णिमा साहू ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन समाज के वंचित तबकों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रासंगिक है। उनके अनुसार, यह दो वर्षीय राष्ट्रीय कार्यक्रम नई पीढ़ी को फुले के विचारों से जोड़ने और समाज में समानता एवं न्याय के मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।