LoC और IB पर संदिग्ध ड्रोन गतिविधि से बढ़ी चौकसी, भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद लौटे ड्रोन

LoC और IB पर संदिग्ध ड्रोन गतिविधि से बढ़ी चौकसी, भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद लौटे ड्रोन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 12, 2026, 11:31:00 AM

जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में रविवार शाम उस वक्त सतर्कता बढ़ा दी गई, जब कई स्थानों पर संदिग्ध ड्रोन की आवाजाही देखी गई। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि ये ड्रोन पाकिस्तान की ओर से भेजे गए थे, जो कुछ देर भारतीय क्षेत्र में मंडराने के बाद वापस लौट गए।

सूत्रों के मुताबिक, सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के सीमावर्ती और अग्रिम इलाकों में शाम के समय एक के बाद एक ड्रोन जैसी उड़ने वाली वस्तुएं देखी गईं। बताया गया है कि ये उपकरण पाकिस्तान की दिशा से आए, कुछ मिनट तक भारतीय सीमा के भीतर सक्रिय रहे और फिर लौट गए।

सेना की फायरिंग, तलाशी अभियान शुरू

राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर अंतर्गत गनिया-कलसियां गांव के ऊपर शाम करीब 6:35 बजे ड्रोन की हलचल दिखने पर सेना के जवानों ने मीडियम और लाइट मशीन गनों से फायरिंग की। इसके बाद इलाके में जमीनी तलाशी अभियान भी चलाया गया।

इसी दौरान राजौरी के टेरियथ क्षेत्र के खब्बर गांव के पास भी एक ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली। अधिकारियों के अनुसार, टिमटिमाती रोशनी वाला यह ड्रोन कलाकोट के धर्मसाल गांव की दिशा से आया और भरख की ओर बढ़ गया। इसके अलावा चक बबरल के ऊपर शाम करीब 7:15 बजे एक और संदिग्ध उड़ने वाली वस्तु कुछ देर तक मंडराती नजर आई। पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में भी एलओसी के पास टैन से टोपा की दिशा में इसी तरह की गतिविधि देखी गई।

काउंटर ड्रोन सिस्टम से पीछे हटे संदिग्ध उपकरण

इन घटनाओं के बाद भारतीय सेना ने काउंटर-अनमैंड एरियल सिस्टम (काउंटर-यूएएस) के उपाय अपनाए, जिसके चलते संदिग्ध ड्रोन को वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सख्त कर दी है।

हथियारों की बरामदगी से बढ़ी चिंता

गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सांबा जिले के पालूरा गांव में संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का एक जखीरा बरामद किया था। इसमें चीन में बनी 9 एमएम पिस्टल दो मैगजीन के साथ, एक ग्लॉक 9 एमएम पिस्टल एक मैगजीन के साथ, एक चीनी हैंड ग्रेनेड (एपीएल एचजीआर 84 अंकित) और कुल 16 राउंड 9 एमएम कारतूस शामिल हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन गतिविधि और हथियारों की बरामदगी के बीच संबंध हो सकता है, जिसे लेकर जांच तेज कर दी गई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता उच्च स्तर पर रखी गई है।