बंगाल SIR सत्यापन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, झारखंड-ओडिशा के जज संभालेंगे कमान

बंगाल SIR सत्यापन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, झारखंड-ओडिशा के जज संभालेंगे कमान

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 25, 2026, 2:12:00 PM

पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर से जुड़ी नामों की जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। शीर्ष अदालत ने अब तक कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं ताकि मतदाता सूची में शामिल संदिग्ध प्रविष्टियों का समयबद्ध सत्यापन हो सके।

करीब पाँच लाख नामों की जांच के लिए राज्य के न्यायिक अधिकारियों की संख्या कम पड़ने की स्थिति में अदालत ने पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा के न्यायिक अधिकारियों की सेवाएं लेने की अनुमति दे दी है। साथ ही कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को यह अधिकार दिया गया है कि वे तीन वर्ष या उससे अधिक अनुभव वाले सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) को भी इस प्रक्रिया में तैनात कर सकते हैं, ताकि जांच तेजी से पूरी हो सके।

सुप्रीम कोर्ट ने दस्तावेजों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एसआईआर के लिए मान्य कागजातों के अतिरिक्त कक्षा दस का एडमिट कार्ड, माध्यमिक प्रमाणपत्र और पहचान के तौर पर आधार को स्वीकार्य माना जाएगा। हालांकि केवल वही दस्तावेज मान्य होंगे जो 14 फरवरी से पहले डिजिटल या भौतिक रूप से जमा कराए गए हों।

अदालत ने यह भी कहा कि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी, लेकिन यदि तब तक सभी मामलों की जांच पूरी नहीं हो पाती है तो चुनाव आयोग बाद में पूरक मतदाता सूची जारी कर सकता है, जिसे अंतिम सूची का ही हिस्सा माना जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बाग्ची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने ये निर्देश कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 22 फरवरी को भेजे गए पत्र पर विचार करने के बाद दिए।