पड़ोसी देश पाकिस्तान में गटर के ढक्कन चोरी करने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पंजाब सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। अब गटर ढक्कन चोरी करने, बेचने या खरीदने पर दोषियों को 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
सरकार ने इस अपराध को गंभीर श्रेणी में रखते हुए इसके खिलाफ नया कानून पेश किया है, जिसमें सजा और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान किया गया है।
पंजाब प्रांत में लंबे समय से गटर ढक्कन चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। चोर लोहे के ढक्कन निकालकर उन्हें कबाड़ (स्क्रैप) के रूप में बेच देते हैं। इसके चलते कई सड़कों पर मैनहोल खुले रह जाते हैं, जिससे आम लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है।
खुले गटरों के कारण राहगीरों, खासकर बच्चों और महिलाओं के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। कई मामलों में गंभीर चोटें आईं, जबकि कुछ हादसे जानलेवा भी साबित हुए।
लाहौर के भाटी गेट इलाके में खुले मैनहोल में महिलाओं और बच्चों के गिरने की दुखद घटनाओं के बाद इस मुद्दे पर प्रशासन की चिंता और बढ़ गई, जिसके बाद सरकार ने सख्त नियम लागू करने की दिशा में कदम तेज कर दिए। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के कई शहरों में अब तक हजारों गटर ढक्कन चोरी हो चुके हैं। इससे न सिर्फ सड़क सुरक्षा प्रभावित हुई है, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचा भी खतरे में पड़ गया है।
नई व्यवस्था के तहत ढक्कन चोरी से जुड़े अपराध को गंभीर अपराध घोषित किया गया है। कानून के अनुसार दोषियों को 1 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की जेल की सजा दी जा सकती है। इसके अलावा 30 लाख से 50 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन सख्त प्रावधानों का उद्देश्य चोरी की घटनाओं पर रोक लगाना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।