बस्तर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में तेलंगाना कैडर की हार्डकोर नक्सली ACM रुपी ढेर

बस्तर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में तेलंगाना कैडर की हार्डकोर नक्सली ACM रुपी ढेर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 13, 2026, 1:24:00 PM

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कांकेर जिले के छोटेबेठिया–परतापुर थाना क्षेत्र से लगे जंगलों में सोमवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक महिला माओवादी कमांडर को मार गिराया गया। मृतक की पहचान एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रूपी के रूप में की गई है, जो लंबे समय से बस्तर इलाके में सक्रिय थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माचपल्ली, आरामझोरा और हिडूर के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान माचपल्ली क्षेत्र में नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। कुछ समय तक चली गोलीबारी के बाद नक्सली पीछे हट गए।

मुठभेड़ समाप्त होने के बाद इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें एक महिला माओवादी का शव बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान रूपी के रूप में हुई, जो तेलंगाना की मूल निवासी थी और बस्तर में सक्रिय अंतिम तेलुगू कैडर मानी जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, वह डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी, जो वर्ष 2025 में एक अलग मुठभेड़ में मारा गया था।

घटनास्थल से एक पिस्टल, गोला-बारूद और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि किसी अन्य माओवादी की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके।

बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि माओवादियों के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास का विकल्प अब भी खुला है। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में बड़ी संख्या में उग्रवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है, लेकिन कुछ लोग अब भी हिंसा का रास्ता अपना रहे हैं, जिसका अंजाम उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने शेष माओवादियों से हथियार छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की अपील की।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 के दौरान बस्तर और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर माओवादी सरेंडर की घटनाएं सामने आई हैं। अलग-अलग जिलों में सैकड़ों उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें कई इनामी और वरिष्ठ स्तर के सदस्य शामिल थे। इन घटनाओं को सुरक्षा बलों की रणनीति और पुनर्वास नीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।