कठुआ में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, जैश कमांडर उस्मान मुठभेड़ में ढेर

कठुआ में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, जैश कमांडर उस्मान मुठभेड़ में ढेर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 24, 2026, 12:17:00 PM

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में शुक्रवार शाम सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक अहम सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को मार गिराया। यह मुठभेड़ बिलावर क्षेत्र में हुई, जहां बीते एक सप्ताह से आतंकियों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा था।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक उस्मान पिछले दो वर्षों से डोडा, उधमपुर और कठुआ के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था और कई घटनाओं में उसकी संलिप्तता सामने आई थी। मुठभेड़ स्थल से अमेरिकी निर्मित एम-4 राइफल समेत अन्य हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है।

कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे उस्मान पोरहेटर गांव में एक घर में घुस गया और वहां मौजूद नागरिकों को बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके को घेर लिया।

सबसे पहले सुरक्षाबलों ने सूझबूझ से सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद जवानों ने घर के भीतर प्रवेश किया। इस दौरान आतंकी ने फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन जवाबी कार्रवाई में जवानों ने उसका हथियार छीन लिया और उसे मार गिराया।

पहले भी कई बार बच निकला था उस्मान
सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं था जब सुरक्षाबलों का सामना उस्मान से हुआ हो। इससे पहले कठुआ, डोडा, बसंतगढ़ और उधमपुर के इलाकों में भी कई बार आमना-सामना हुआ, लेकिन हर बार वह भागने में सफल रहा। इस बार संयुक्त कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने उसे ढेर कर दिया।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भी सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने बिलावर इलाके में आतंकियों के तीन ठिकानों का पर्दाफाश किया था, जहां से कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई थी। इससे पहले 7 और 13 जनवरी को भी बिलावर क्षेत्र के कहोग और नजोत जंगलों में मुठभेड़ की घटनाएं सामने आई थीं।

आतंकवाद पर ताजा आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हिंसा से जुड़ी घटनाओं में कुल 46 लोगों की जान गई है। इनमें 18 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जबकि 28 नागरिकों की मौत हुई। इसी अवधि में सुरक्षाबलों ने 46 आतंकियों को भी मार गिराया है।

हाल ही में 18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया था, जिसमें आठ जवान घायल हुए थे। अगले दिन, 19 जनवरी को हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हो गए। फिलहाल किश्तवाड़ के तरू बेल्ट क्षेत्र में मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ जारी है, जहां जैश-ए-मोहम्मद के दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।