समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का गुरुवार को दोपहर में अंतिम संस्कार किया गया। भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव आज पंचतत्व में विलीन हो गए। प्रतीक यादव के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने उनको मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार की कई भावुक करने वाली तस्वीरें सामने आयी, जिसने सबका दिल जीत लिया। जैसे ही चिता को अग्नि दी गई, वहां मौजूद परिवार के सदस्य और करीबी भावुक हो उठे। अखिलेश यादव समेत सैफई परिवार के सभी लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। प्रतीक यादव की दोनों बेटियां भी अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहीं। चाचा शिवपाल सिंह यादव ने दोनों बेटियों को संभाला और उन्हें सांत्वना दी। वहीं अखिलेश यादव भतीजी को दुलारते नजर आए।
प्रतीक यादव की दोनों बेटियां भी अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रहीं। बड़ी बेटी प्रथमा काफी देर तक अखिलेश यादव के साथ बैठी दिखाई दीं, जबकि छोटी बेटी प्रतीक्षा भी वहीं थीं। परिवार के लोग लगातार दोनों बच्चियों को संभालती नजर आए। जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी और तब प्रतीक यादव की छोटी बेटी प्रथमा ताऊ यानि चाचा अखिलेश यादव के बगल में बैठी हुई दिखाई दी। उस वक्त मासूम बिटियां के चेहरे पर उदासी झलक रही थी और शायद वह पूरी तरह से समझ भी नहीं पा रही थी कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे।
इस कठिन परिस्थितियों में अखिलेश यादव ने न सिर्फ अपने छोटे भाई की बच्चियों को संभाला, बल्कि अपने सहयोगी को बुलाकर चॉकलेट मंगवाई। बच्ची अपने ताऊ अखिलेश के बगल वाली कुर्सी में बैठी हुई है और चॉकलेट का रैपर खोलने की कोशिश कर रही, लेकिन जब अखिलेश ने प्रथमा को देखा तो उन्होंने खुद चॉकलेट का रैपर हटाया और दुलारते हुए प्रथमा को चॉकलेट थमा दी। इस भावुक तस्वीर ने सबका दिल जीत लिया और लोग कहने लगे अपने तो अपने होते हैं।
बता दें कि अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार को लखनऊ के बैकुंठधाम (भैंसाकुंड) में किया गया। सुबह 11: 30 बजे उनकी अंतिम यात्रा सपा दफ्तर से शुरू होकर बैकुंठधाम श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। भाभी डिंपल यादव, चाचा शिवपाल यादव समेत तमाम परिवार के लोग इस दुख की घड़ी पर प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव के साथ मौजूद थे। प्रतीक के पार्थिव शरीर को धर्मेंद्र यादव और शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव ने कंधा दिया। प्रतीक यादव के अंतिम यात्रा में हुजूम उमड़ा हुआ था।प्रतीक की अंतिम यात्रा निकाली गई। हजारों समर्थक साथ-साथ चले और 'प्रतीक यादव अमर रहें' के नारे लगाए।
आपको बता दें कि प्रतीक यादव का बीते बुधवार को निधन हो गया था। इसके बाद उनका पोस्टमार्टम कराया गया था। फिर उनके शव को अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा गया था। करीब 24 घंटे से अधिक वक्त के बाद प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार किया गया है। इस दौरान बैकुंठधाम भैंसाकुंड श्मशान घाट पर प्रतीक के चाहने वाले और समाजवादी पार्टी के समर्थक मौजूद रहे।