यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के छोटे भाई और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की मौत ने सबको हिला दिया है। 38 वर्षीय प्रतीक यादव की मौत शुरू में रहस्यमयी मानी जा रही थी, लेकिन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई अहम बातें उजागर हुई हैं। इस रिपोर्ट में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई के निधन की वजह साफ बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार खून का थक्का जमा हुआ था। शरीर के निचले हिस्से से ऊपरी हिस्से में खून का थक्का गया। इसके बाद लंग्स में इंफेक्शन हुआ और कार्डिएक अरेस्ट से मौत हुई। हालांकि विसरा रिपोर्ट के बाद और चीजें स्पष्ट होंगी।
प्रतीक यादव की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने की वजह से दिल और सांस लेने की प्रक्रिया अचानक बंद हो गई, जिससे मौत हुई। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ नमूनों को सुरक्षित रखा है। इसके अलावा, शरीर के कुछ अंगों (विसरा) को भी रासायनिक जांच के लिए संरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शरीर पर मिली सभी चोटें मौत से पहले की थीं।
कार्डियक अरेस्ट का मतलब होता है दिल का अचानक काम करना बंद कर देना। यह हार्ट अटैक से अलग स्थिति होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों तक पहुंच जाए तो ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगता है। इससे दिल पर अचानक दबाव बढ़ सकता है और कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। ऐसी स्थिति के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जिसमें शरीर में गंभीर चोट लगना, लंबे समय तक ब्लड क्लॉट बने रहना, फेफड़ों में संक्रमण, बहुत ज्यादा तनाव या पहले से कोई छिपी स्वास्थ्य समस्या, लंबे समय तक बैठना या फिजिकल एक्टिविटी में अचानक बदलाव। हालांकि असली वजह का पता विस्तृत मेडिकल जांच और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगा।
पोस्टमार्टम से जुड़ी चर्चाओं में यह भी सामने आया कि प्रतीक यादव के पैर के नाखूनों में नीलेपन जैसे निशान दिखाई दिए थे। मेडिकल भाषा में इसे कई बार ऑक्सीजन की कमी का संकेत माना जाता है। जब शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तब त्वचा, होंठ या नाखून नीले पड़ने लगते हैं. इसे “सायनोसिस” कहा जाता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा शरीर पर मिले छह चोटों के निशान रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, छाती, हाथ, फोरआर्म, कोहनी और कलाई पर गंभीर अंदरूनी चोटें पाई गईं। इन चोटों के नीचे खून जमने के संकेत भी मिले।डॉक्टरों के अनुसार, पहली तीन चोटें लगभग 5 से 7 दिन पुरानी थीं। बाकी तीन चोटें करीब एक दिन पुरानी बताई गईं। सभी चोटें मृत्यु से पहले यानी एंटेमॉर्टम थीं। हालांकि रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया कि ये चोटें कैसे लगीं।
बता दें कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की बुधवार की अहले सुबह मौत हो गई। प्रतीक सुबह घर के किचन में बेसुध होकर गिर गए थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई 38 साल के प्रतीक यादव को सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनके शव का केजीएमयू में पोस्टमार्टम कराया गया। फिर उनके शव को उनके आवास पर ले जाया गया। इसके बाद उनकी पत्नी अपर्णा यादव, सौतेले भाई अखिलेश यादव, भाभी डिंपल यादव, चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव, चाचा शिवपाल यादव पहुंचे। इसके अलावा प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार को लेकर भी जानकारी सामने आई है कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को दोपहर को साढ़े बारह बजे पिपरा घाट पर होगा। इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
बता दें कि राजनीति से दूर प्रतीक यादव अपने व्यवासायिक जीवन में व्यस्त रहते थे। लखनऊ में उनके अपने जिम हैं साथ ही खुद फिटनेस ट्रेनर भी थे। उनका राजनीति से कोई नाता नहीं रहा।अपने परिवार की राजनीतिक बैकग्राउंड से दूर, प्रतीक यादव रियल एस्टेट और फिटनेस एंटरप्रेन्योरशिप के सेक्टर में काम करते थे। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के लंदन स्थित लीड्स यूनिवर्सिटी से MBA किया था। प्रतीक यादव फिटनेस फ्रीक थे. लखनऊ में उनके जिम का बिजनेस भी है। उन्हें जिम करने और फिट रहने का बहुत ज्यादा था।