हैदराबाद हाउस में PM बोले–भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह अटल

हैदराबाद हाउस में PM बोले–भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह अटल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 05, 2025, 4:47:00 PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हैदराबाद हाउस में आयोजित शिखर वार्ता के बाद भारत–रूस संबंधों को “ध्रुव तारे जैसा स्थिर और अडिग” बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियाँ बार-बार बदलती रहीं, लेकिन दोनों देशों की मित्रता दशकों से विश्वास और सम्मान पर टिकी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और रूस ने 2030 तक आर्थिक साझेदारी को और सशक्त बनाने पर सहमति जताई है। साथ ही दोनों देश यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कई समझौतों पर हस्ताक्षर

बैठक के दौरान द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने हेतु विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि रूसी नागरिकों के लिए 30 दिनों तक का निःशुल्क टूरिस्ट वीजा और ग्रुप टूरिस्ट वीजा जल्द शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दुर्लभ खनिजों पर दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक सप्लाई चेन की सुरक्षा और विविधता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और भविष्य के उद्योगों में सहयोग मजबूत होगा।

ऊर्जा क्षेत्र में गहरी साझेदारी

पीएम मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत–रूस संबंधों का प्रमुख स्तंभ है। नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में लंबे समय से जारी सहयोग भारत की स्वच्छ ऊर्जा नीतियों को मजबूती देता है।

उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देश ध्रुवीय समुद्री क्षेत्रों में नाविकों के प्रशिक्षण में साथ काम करेंगे। इससे आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा, साथ ही भारतीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर बनेंगे।

प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि काल्मिकिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन किए।

यूक्रेन संघर्ष और आतंकवाद पर भारत की स्पष्ट राय

यूक्रेन युद्ध पर प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा शांति का समर्थक रहा है और किसी भी शांतिपूर्ण, स्थाई समाधान की कोशिशों का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में अपना योगदान आगे भी देता रहेगा।

आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे पराजित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत आवश्यक है। भारत और रूस लंबे समय से इस मुद्दे पर मिलकर काम करते आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “आतंकवाद मानवता पर सबसे बड़ा हमला है और इसके विरुद्ध वैश्विक एकता ही हमारी असली ताकत है।” प्रधानमंत्री को विश्वास है कि भारत–रूस मित्रता आने वाली चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाएगी और दोनों देशों के भविष्य को और मजबूत बनाएगी।