हिजाब विवाद पर घिरे नीतीश कुमार, जम्मू-कश्मीर CM उमर अब्दुल्ला ने कहा — महिला का सम्मान धर्म से ऊपर, माफी मांगें CM

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा हिजाब विवाद अब एक बड़ी राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। इस मुद्दे पर देशभर से प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं और नीतीश कुमार चौतरफा आलोचनाओं में घिरते नज़र आ रहे हैं। ताज़ा प्रतिक्रिया जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Karishma Singh
Updated at : Dec 19, 2025, 2:31:00 PM

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा हिजाब विवाद अब एक बड़ी राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है। इस मुद्दे पर देशभर से प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं और नीतीश कुमार चौतरफा आलोचनाओं में घिरते नज़र आ रहे हैं। ताज़ा प्रतिक्रिया जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से आई है, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अस्वीकार्य बताते हुए नीतीश कुमार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

दरअसल, पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि किसी भी महिला के कपड़ों को इस तरह छूना या हटाने की कोशिश करना पूरी तरह गलत है, फिर चाहे वह किसी भी धर्म की क्यों न हो।

उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यही घटना हरियाणा या राजस्थान में किसी हिंदू महिला के घूंघट के साथ होती और उसे किसी मुस्लिम नेता ने हटाया होता, तो पूरे देश में बवाल मच गया होता। उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला एक मुस्लिम महिला डॉक्टर से जुड़ा है, इसलिए बीजेपी की प्रतिक्रिया बेहद सीमित और चयनात्मक रही है।

उन्होंने आगे कहा कि इस पूरे मामले में धर्म से ज़्यादा महिला सम्मान का सवाल है। किसी महिला की सहमति के बिना उसके कपड़ों को छूना या हटाना कैसे जायज़ हो सकता है? उमर अब्दुल्ला ने यह भी बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संबंधित महिला डॉक्टर इस घटना के बाद मानसिक रूप से आहत हैं और उन्होंने काम न करने की इच्छा जताई है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि नीतीश कुमार को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और उस महिला डॉक्टर से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है, और इस मामले में वह नज़र नहीं आई।