देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लागू किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी है। अब टोल भुगतान के लिए डिजिटल माध्यमों को ही अपनाना होगा, जिसमें फास्टैग को प्रमुख विकल्प के रूप में रखा गया है।
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा, उन्हें भी टोल पार करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन ऐसे मामलों में भुगतान केवल यूपीआई के जरिए ही किया जा सकेगा। हालांकि, इस विकल्प का उपयोग करने पर वाहन मालिकों को निर्धारित टोल राशि से अधिक भुगतान करना पड़ेगा।
नई व्यवस्था में यह स्पष्ट किया गया है कि बिना फास्टैग वाले वाहन चालकों से सामान्य शुल्क के मुकाबले 1.25 गुना राशि वसूली जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को फास्टैग अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और टोल वसूली को पूरी तरह डिजिटल बनाना है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी और वाहनों की आवाजाही अधिक तेज और व्यवस्थित हो सकेगी। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और यात्रा अनुभव बेहतर बनेगा।
यह नई व्यवस्था 10 अप्रैल से पूरे देश में लागू कर दी गई है। अब फास्टैग के माध्यम से टोल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि इसके बिना आने वाले वाहनों के लिए यूपीआई एक वैकल्पिक लेकिन महंगा विकल्प रहेगा।