दिल्ली : मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आ*ग, अब तक 21 की मौत; सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

दिल्ली : मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आ*ग, अब तक 21 की मौत; सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 03, 2026, 4:53:00 PM

नई दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक होटल में लगी विनाशकारी आग ने बड़ा मानवीय संकट खड़ा कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई, जबकि 26 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों और घायलों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है, जिसके कारण यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रही है।

घटना के बाद मौके का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि होटल की संरचना सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं प्रतीत होती। शुरुआती जांच में सामने आया है कि भवन में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए मुख्य रूप से एक ही मार्ग उपलब्ध था। आग फैलने के बाद जब लोग बाहर निकलने का प्रयास करने लगे, तब धुएं और सीमित निकासी व्यवस्था के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोग अंदर ही फंस गए, जिससे मौतों की संख्या बढ़ गई।

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने संकेत दिया कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी में संचालित ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी, जहां सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए होटल संचालकों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं ताकि जवाबदेही तय की जा सके।

मां ने बच्चे को बचाने के लिए तीसरी मंजिल से लगाई छलांग

हादसे के दौरान कई मार्मिक दृश्य सामने आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग और धुएं से घिरे लोग खिड़कियों से मदद की गुहार लगा रहे थे। इसी बीच एक महिला ने अपने बच्चे को गोद में लेकर तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी।

स्थानीय लोगों ने संभावित बचाव के लिए नीचे गद्दे और अन्य सामान बिछा दिए थे, जिससे महिला और बच्चे की जान बच गई। हालांकि महिला को चोटें आईं और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।

अग्निकांड के बाद सबसे बड़ा सवाल होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि होटल के पास वैध अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि परिसर में लगाए गए अग्निशमन उपकरण कार्यशील स्थिति में थे या नहीं।

अधिकारियों के अनुसार, यदि सुरक्षा नियमों की अनदेखी या दस्तावेजी अनियमितताएं सामने आती हैं, तो केवल प्रबंधन ही नहीं बल्कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रधानमंत्री से लेकर विपक्ष तक ने जताई संवेदना

दुर्घटना पर देश के प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि प्रशासन घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।

वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस हादसे को सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर विफलता करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के लिए उचित सहायता की मांग की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की उच्चस्तरीय मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों के उपचार का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

फॉरेंसिक जांच से खुलेगा आग का रहस्य

घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर फॉरेंसिक विशेषज्ञ आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती स्तर पर विद्युत शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है और राहत एवं जांच कार्य जारी हैं। इस त्रासदी ने एक बार फिर राजधानी में संचालित हो रहे होटलों, गेस्ट हाउसों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की आशंका बनी रहेगी।