कैश कांड के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, महाभियोग से पहले उठाया बड़ा कदम

कैश कांड के बीच जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, महाभियोग से पहले उठाया बड़ा कदम

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 10, 2026, 2:24:00 PM

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को भेजते हुए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है।

जस्टिस वर्मा का नाम उस समय चर्चा में आया था जब दिल्ली में उनके सरकारी आवास पर आग लगने की घटना के बाद वहां से जले हुए नोट बरामद हुए थे। इस घटना के बाद उनके खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की गई थी और उन्हें न्यायिक कार्यों से दूर रखा गया था। इसी दौरान उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया, जहां उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को शपथ ली, लेकिन उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई।

विवाद गहराने के साथ ही उनके खिलाफ संसद में महाभियोग की प्रक्रिया भी शुरू हुई। 21 जुलाई 2025 को विभिन्न दलों के सांसदों ने लोकसभा में प्रस्ताव पेश किया, जिसके बाद जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। जस्टिस वर्मा ने इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई।

अपने इस्तीफे में जस्टिस वर्मा ने लिखा कि वे कारणों को सार्वजनिक नहीं करना चाहते, लेकिन अत्यंत खेद के साथ तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में केवल इतना संकेत दिया कि परिस्थितियों के चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

गौरतलब है कि उनके इलाहाबाद स्थानांतरण के समय भी बार एसोसिएशन ने विरोध जताया था। फिलहाल, उनके खिलाफ चल रही जांच जारी है और इस पूरे प्रकरण ने न्यायिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।