लंदन में झारखंड की सिल्वर जुबली, वेस्टमिन्स्टर चैपल से CM हेमंत सोरेन ने दिया शिक्षा और भविष्य पर संदेश

लंदन में झारखंड की सिल्वर जुबली, वेस्टमिन्स्टर चैपल से CM हेमंत सोरेन ने दिया शिक्षा और भविष्य पर संदेश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 24, 2026, 9:25:00 PM

झारखंड के स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लंदन स्थित वेस्टमिन्स्टर चैपल के सभागार में प्रवासी भारतीयों, झारखंडी छात्रों और ब्रिटेन के गणमान्य नागरिकों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है कि राज्य की सिल्वर जुबली के मौके पर वे एक ऐतिहासिक स्थल पर झारखंड के युवाओं से संवाद कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह उनका लंदन का पहला दौरा है, लेकिन उनसे पहले झारखंड के छात्र यहां पहुंचे और उनके साहस व उत्साह ने ही सरकार को अंतरराष्ट्रीय मंचों से जुड़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने इस आयोजन के लिए ब्रिटिश सरकार की मंत्री सीमा मल्होत्रा और उनकी टीम का विशेष आभार जताया, जिनकी भूमिका से यह संवाद संभव हो सका।

अपने भाषण में हेमंत सोरेन ने झारखंड के संघर्षपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, फूलो-झानो और जयपाल सिंह मुंडा जैसे महापुरुषों ने राज्य को पहचान दिलाने के लिए बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास को पढ़ना आसान है, लेकिन इतिहास रचना कठिन, और झारखंड की विरासत इसी संघर्ष से बनी है।

मुख्यमंत्री ने माना कि राज्य में शिक्षा को लेकर कई चुनौतियां हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है। इसी दिशा में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं और तकनीकी, मेडिकल व प्रोफेशनल कोर्स के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाए गए हैं।

उन्होंने ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत छात्रों को बिना गारंटी ₹15 लाख तक की बैंक सहायता मिलती है, ताकि आर्थिक कारणों से किसी की पढ़ाई न रुके। यह राशि पढ़ाई पूरी होने के बाद और नौकरी मिलने पर आसान किस्तों में चुकाई जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश भेजे जा रहे छात्र केवल आर्थिक सहायता के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से चुने गए हैं। उन्होंने जिंदल समूह के साथ संभावित सहयोग का भी संकेत दिया और कहा कि झारखंड संसाधनों से समृद्ध है, जरूरत सिर्फ बौद्धिक और तकनीकी शक्ति को मजबूत करने की है।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने झारखंड को एक शांत, सहिष्णु और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य बताया, जहां “बोलना संगीत है और चलना नृत्य।” उन्होंने कहा कि 25 साल का यह युवा राज्य अब अगले 25 वर्षों के लिए मजबूत रोडमैप के साथ आगे बढ़ेगा और वैश्विक मंचों पर आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान बनाएगा।

नए साल 2026 की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है और आने वाले समय में झारखंड के युवा दुनिया भर में राज्य का नाम रोशन करेंगे।