राजकोषीय सूचकांक में झारखंड का दमदार प्रदर्शन, टॉप-3 राज्यों में बनाई जगह

राजकोषीय सूचकांक में झारखंड का दमदार प्रदर्शन, टॉप-3 राज्यों में बनाई जगह

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 30, 2026, 10:26:00 AM

झारखंड ने वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के कुशल प्रबंधन के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग द्वारा जारी राजकोषीय सूचकांक 2026 में राज्य ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश के अग्रणी राज्यों की सूची में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस सूचकांक में झारखंड का स्कोर 50.5 रहा, जिसके साथ वह तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

इस उपलब्धि की खास बात यह है कि झारखंड ने आर्थिक रूप से मजबूत माने जाने वाले गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह संकेत देता है कि राज्य ने न केवल अपने वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है, बल्कि खर्च और कर्ज प्रबंधन में भी संतुलन बनाए रखा है।

नीति आयोग का यह सूचकांक राज्यों की वित्तीय स्थिति को कई मानकों पर परखता है, जिनमें राजस्व संग्रह, व्यय की गुणवत्ता और कर्ज प्रबंधन प्रमुख हैं। इन सभी पहलुओं पर झारखंड का प्रदर्शन संतोषजनक से बेहतर रहा है, जो राज्य की आर्थिक नीतियों की मजबूती को दर्शाता है।

राज्य सरकार ने पूंजीगत व्यय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पूंजीगत खर्च का लक्ष्य 21,248 करोड़ रुपये तय किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 49 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर बढ़ते फोकस को दर्शाती है।

इसके साथ ही, झारखंड ने अपने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने में भी सफलता पाई है। यह घाटा जीएसडीपी के 2.8 प्रतिशत तक सीमित रहा, जो तय मानकों के भीतर है। कर्ज के मोर्चे पर भी स्थिति संतुलित बनी हुई है, और ब्याज भुगतान का दबाव नियंत्रण में बताया गया है।

सूचकांक में ओडिशा 73.1 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि गोवा 54.7 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। झारखंड के बाद गुजरात (49.9), महाराष्ट्र (45.0) और उत्तर प्रदेश (41.9) का स्थान रहा।