भारतीय नौसेना की ताकत में बड़ा इजाफा, गोवा में शुरू हुई MH-60R ‘रोमियो’ हेलीकॉप्टरों की दूसरी स्क्वाड्रन

भारतीय नौसेना की ताकत में बड़ा इजाफा, गोवा में शुरू हुई MH-60R ‘रोमियो’ हेलीकॉप्टरों की दूसरी स्क्वाड्रन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 17, 2025, 4:52:00 PM

भारतीय नौसेना ने समुद्र के भीतर छिपे खतरों से निपटने की अपनी क्षमता को और मजबूत कर लिया है। गोवा स्थित आईएनएस हंसा में बुधवार को अमेरिकी निर्मित एमएच-60आर ‘रोमियो’ बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टरों की दूसरी स्क्वाड्रन को औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया गया। इसके साथ ही पाकिस्तान और चीन की पनडुब्बियों की पहचान कर उन्हें समुद्र में ही निष्क्रिय करना भारत के लिए कहीं अधिक प्रभावी और तेज हो गया है।

इस नई स्क्वाड्रन को आईएनएएस 335 नाम दिया गया है। इसकी कमीशनिंग नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की उपस्थिति में हुई। इससे पहले मार्च 2024 में पहली स्क्वाड्रन को आईएनएएस 334 के रूप में नौसेना के हवाई बेड़े में शामिल किया गया था। नौसेना के अनुसार यह कदम भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण और भारत-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री प्रभुत्व को सशक्त करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

एमएच-60आर ‘रोमियो’ हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं और पनडुब्बी रोधी युद्ध, सतह रोधी अभियान, मिसाइल हमले, निगरानी, खोज एवं बचाव तथा मेडिकल इवैक्युएशन जैसे कई अभियानों में सक्षम हैं। इनमें लगे उन्नत सेंसर, रडार और एवियोनिक्स सिस्टम समुद्र की सतह के साथ-साथ पानी के नीचे भी दुश्मन की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक आईएनएस हंसा में दूसरी स्क्वाड्रन के सक्रिय होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की मौजूदगी और मजबूत होगी। ये हेलीकॉप्टर नाइट विजन सिस्टम, हेलफायर मिसाइल, एमके-54 टॉरपीडो, रॉकेट और 7.62 एमएम मशीन गन से लैस किए जा सकते हैं। इनमें हथियार लगाने के लिए चार हार्ड प्वाइंट्स दिए गए हैं, जिससे इन्हें अलग-अलग मिशनों के अनुसार कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म नौसेना के फ्लीट ऑपरेशन्स के साथ पूरी तरह एकीकृत है।

भारतीय नौसेना ने अमेरिका की कंपनी लॉकहीड मार्टिन से कुल 24 एमएच-60आर हेलीकॉप्टर 2.6 अरब डॉलर में खरीदे हैं। वर्ष 2020 में हुए इस सौदे के तहत अब दूसरी पूरी स्क्वाड्रन तैयार हो चुकी है। इसके अलावा भारत ने हाल ही में इन हेलीकॉप्टरों की मरम्मत, परीक्षण और रखरखाव की सुविधा देश में ही विकसित करने के लिए अमेरिकी कंपनी के साथ पांच साल का समझौता किया है, जिसकी लागत करीब 7,995 करोड़ रुपये है। यह करार 28 नवंबर को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में किया गया।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस समझौते से नौसेना की ऑपरेशनल उपलब्धता बढ़ेगी, क्षमता निर्माण को बल मिलेगा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को भी गति मिलेगी। अमेरिकी तकनीकी सहयोग से एमएच-60आर हेलीकॉप्टर हर मौसम में प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे और जहाजों व विभिन्न ठिकानों से संचालन के दौरान अपने सभी प्रमुख और सहायक मिशनों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करेंगे।