तेलंगाना में मानवता शर्मसार! पंचायत चुनाव के बाद जहरीले इंजेक्शन से कुत्तों का सफाया

तेलंगाना में मानवता शर्मसार! पंचायत चुनाव के बाद जहरीले इंजेक्शन से कुत्तों का सफाया

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 27, 2026, 11:01:00 AM

तेलंगाना के हनमकोंडा ज़िले के पथीपाका गांव से पशु क्रूरता का एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है, जहां करीब 200 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया। पशु कल्याण से जुड़े कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई पंचायत चुनाव में किए गए वादे को पूरा करने के लिए की गई, जिसमें ग्रामीणों को कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने की बात कही गई थी। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव की निगरानी में इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया और बाद में कुत्तों के शवों को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया।

यह घटना केवल एक गांव तक सीमित नहीं बताई जा रही है। जगतियाल, कामारेड्डी और याचरम जैसे इलाकों से भी इसी तरह की घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 के बाद से अब तक राज्य के तीन जिलों में 1100 से अधिक आवारा कुत्तों की मौत हो चुकी है। जगतियाल जिले में लगभग 300 कुत्तों को जहर दिए जाने की पुष्टि हुई है, जबकि कामारेड्डी के पांच गांवों में 200 से ज्यादा कुत्तों की जान चली गई।

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि पंचायत चुनाव के दौरान कई प्रत्याशियों ने आवारा कुत्तों और बंदरों के बढ़ते खतरे को खत्म करने का वादा किया था। चुनाव जीतने के बाद, कुछ सरपंचों पर आरोप है कि उन्होंने बाहरी लोगों को नियुक्त कर इन जानवरों को जहरीले इंजेक्शन लगवाए। पुलिस ने इस संबंध में कई सरपंचों और पंचायत सचिवों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं।

कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में जमीन खुदवाकर कुत्तों के शव बाहर निकाले गए, जो तीन से चार दिन पुराने बताए जा रहे हैं। इस खुलासे के बाद पशु प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों में गहरा आक्रोश है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित सामूहिक ज़हरकांड में और कौन-कौन लोग शामिल थे।