गुजरात : होर्मुज तनाव के बीच भी जारी तेल सप्लाई! ‘ऑपरेशन संकल्प’ के बीच सुरक्षित मुंद्रा पहुंचा ‘जग लाडकी’ टैंकर

गुजरात : होर्मुज तनाव के बीच भी जारी तेल सप्लाई! ‘ऑपरेशन संकल्प’ के बीच सुरक्षित मुंद्रा पहुंचा ‘जग लाडकी’ टैंकर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 18, 2026, 2:50:00 PM

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति के मोर्चे पर सकारात्मक खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ सफलतापूर्वक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह जहाज करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया, जिसे संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह से लोड किया गया था।

तकनीकी दृष्टि से यह टैंकर विशाल क्षमता वाला है। इसकी लंबाई लगभग 274 मीटर और चौड़ाई 50 मीटर से अधिक है। जहाज की कुल वहन क्षमता (डेडवेट टनेज) करीब 1.64 लाख टन और ग्रॉस टनेज लगभग 84 हजार टन के आसपास है, जो इसे बड़े पैमाने पर तेल परिवहन के लिए सक्षम बनाता है।

मुंद्रा पोर्ट पर इस तरह के बड़े कार्गो का आगमन यह दर्शाता है कि देश के प्रमुख निजी बंदरगाह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह आपूर्ति रिफाइनरी कंपनियों के लिए बेहद अहम है, जो निरंतर उत्पादन बनाए रखने और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए आयातित कच्चे तेल पर निर्भर हैं।

इससे पहले भी भारतीय जहाजों ने क्षेत्रीय तनाव के बावजूद सुरक्षित आवाजाही का प्रदर्शन किया है। हाल ही में दो एलपीजी कैरियर; ‘एमटी शिवालिक’ और ‘एमटी नंदा देवी’ करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर भारत पहुंचे थे।

भारत ने अपने समुद्री व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत क्षेत्र में नौसैनिक तैनाती बनाए रखी है। इसका उद्देश्य प्रमुख समुद्री मार्गों की निगरानी करना और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

सरकारी स्तर पर भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जहाजरानी महानिदेशालय (DG Shipping) शिपिंग कंपनियों, लाइसेंस प्राप्त एजेंसियों और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाए हुए है। वहीं केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय भी हालात की समीक्षा कर रहा है।

समुद्री व्यापार में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सरकार बंदरगाहों, शिपिंग लाइनों और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के साथ मिलकर काम कर रही है। आवश्यक होने पर एंकरिंग, बर्थ शुल्क और भंडारण शुल्क में रियायत जैसे कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला सुचारू बनी रहे।