उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में शनिवार सुबह अल्प अंतराल में दो बार भूकंप दर्ज किया गया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इन झटकों से किसी प्रकार की जन-धन हानि की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, पहला झटका सुबह 5 बजकर 2 मिनट पर महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.3 मापी गई, जबकि भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद, सुबह 6 बजकर 29 मिनट पर फिर से धरती हिली। दूसरी बार आए झटके की तीव्रता थोड़ी अधिक, 3.6 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई, और इसकी गहराई भी लगभग समान रही।
इसी दौरान देश के अन्य हिस्सों में भी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर मध्यम तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.7 मैग्नीट्यूड आंकी गई। यह झटका उत्तराखंड में आए भूकंपों की तुलना में अधिक शक्तिशाली था, लेकिन यहां भी किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्वोत्तर भारत में भी धरती में हलचल महसूस की गई। नागालैंड के तुएनसांग क्षेत्र में सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर 2.7 मैग्नीट्यूड का हल्का भूकंप दर्ज किया गया। यह इलाका म्यांमार सीमा के निकट स्थित है, जहां इससे पहले सुबह 3 बजकर 40 मिनट पर 3.5 मैग्नीट्यूड का भूकंप आ चुका था।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन सभी घटनाओं की तीव्रता कम होने के कारण व्यापक प्रभाव नहीं पड़ा, लेकिन लगातार हो रही ऐसी गतिविधियां भूगर्भीय सतर्कता की आवश्यकता की ओर संकेत करती हैं। फिलहाल सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बनी हुई है।