देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के हालिया ऑपरेशनल अव्यवस्था के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा कदम उठाते हुए एयरलाइन की निगरानी से जुड़े चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर (FOI) को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक ये इंस्पेक्टर सेफ्टी चेक, ऑपरेशनल ओवरसाइट और नियमानुसार कामकाज सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शुरुआती जांच में पाया गया कि इंडिगो में हुए ऑपरेशनल संकट के दौरान मॉनिटरिंग कमजोर रही, जिसके कारण हजारों यात्रियों को देश के कई एयरपोर्ट पर फंसना पड़ा।
DGCA ने इंडिगो की जांच को और व्यापक कर दिया है। अब दो वरिष्ठ अधिकारी एयरलाइन के गुरुग्राम स्थित मुख्यालय में तैनात रहेंगे और प्रतिदिन फ्लाइट कैंसलेशन, क्रू तैनाती, रिफंड की स्थिति, समय पर उड़ान संचालन, यात्रियों को मुआवजा और बैगेज रिफंड जैसे अहम संचालन की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही, 11 घरेलू एयरपोर्ट पर इंडिगो के ऑपरेशन का विशेष ऑडिट करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा, जो हर दौरे के 24 घंटे के भीतर DGCA को रिपोर्ट सौंपेंगे।
CEO पीटर एल्बर्स को दोबारा बुलाया गया
सूत्रों के अनुसार DGCA ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को फिर से तलब किया है। पिछले सप्ताह DGCA ने एयरलाइन में चल रही अनियमितताओं की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इस समिति में जॉइंट डायरेक्टर जनरल संजय ब्रह्मणे, डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमित गुप्ता, वरिष्ठ फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर कपिल मांगलिक और लोकेश रामपाल शामिल थे। समिति का उद्देश्य इंडिगो में जारी समस्याओं के असली कारणों का पता लगाना था।
इंडिगो ने पिछले सप्ताह हजारों उड़ानें रद्द की थीं, हालांकि एयरलाइन का दावा है कि अब संचालन सामान्य स्तर पर पहुंच चुका है। वित्त वर्ष 2025–26 के विंटर शेड्यूल में एयरलाइन रोजाना 2,200 से ज्यादा उड़ानें संचालित कर रही थी, लेकिन DGCA के निर्देश के बाद इसमें पहले ही 10% की कटौती की जा चुकी है।