अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का आज पांचवां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इस बीच इजराइल ने लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है।
लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक अब तक इजराइली हमलों में 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 335 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए इजराइल डिफेंस फोर्सेस ने दक्षिण लेबनान के 16 गांवों और कस्बों को खाली करने का आदेश जारी कर दिया है। इससे वहां बड़े पैमाने पर दहशत और पलायन का माहौल है।
दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इजराइल के मेतुला शहर में इजराइली सैनिकों को निशाना बनाते हुए रॉकेट दागे। इससे पहले संगठन ने हाइफा स्थित नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल हमला करने की भी बात कही थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
जंग के बीच अमेरिका की भूमिका भी बेहद अहम हो गई है। अमेरिकी नेतृत्व वाले इस सैन्य अभियान को “एपिक फ्यूरी” नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है भयंकर गुस्सा। बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। करीब 200 फाइटर जेट, दो एयरक्राफ्ट कैरियर और भारी बमवर्षक विमान मिशन में शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के 17 जहाज तबाह कर दिए गए हैं, जिनमें एक पनडुब्बी भी शामिल है। इसके अलावा ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल ठिकानों और ड्रोन क्षमताओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह संघर्ष अब क्षेत्रीय जंग का रूप लेता दिख रहा है, और पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।