दावोस : WEF में कल्पना मुर्मू सोरेन ने झारखंड के 'महिला-केंद्रित विकास विजन' को साझा किया

दावोस : WEF में कल्पना मुर्मू सोरेन ने झारखंड के 'महिला-केंद्रित विकास विजन' को साझा किया

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 21, 2026, 7:06:00 AM

विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान झारखंड सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट और मजबूत दृष्टिकोण रखा। ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (BRICS CCI) के महिला अधिकारिता वर्टिकल के सहयोग से झारखंड पवेलियन में आयोजित इस उच्चस्तरीय पैनल चर्चा का केंद्र बिंदु रहा—“महिला उद्यमिता: विकास की रफ्तार और सतत अर्थव्यवस्था की नींव”।

स्थानीय सोच, वैश्विक समाधान

सत्र को संबोधित करते हुए कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि झारखंड का विकास मॉडल उसकी आदिवासी परंपराओं और स्वदेशी मूल्यों से उपजा है। उनके अनुसार राज्य में जल, जंगल और जमीन को संसाधन नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाता है, जहां संरक्षण और संतुलन विकास की शर्त है।

अदृश्य श्रम को मिले मान्यता

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आदिवासी और ग्रामीण महिलाएं वर्षों से परिवार, समाज और स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही हैं। घरेलू देखभाल और सामुदायिक श्रम के रूप में किया गया उनका योगदान अक्सर आंकड़ों में नहीं दिखता, लेकिन वही सामाजिक ढांचे को स्थिर बनाए रखता है। इस “अदृश्य श्रम” को आर्थिक विमर्श का हिस्सा बनाना समय की मांग है।

गरिमा, अवसर और आत्मविश्वास

कल्पना सोरेन ने स्पष्ट किया कि झारखंड की नीतियां केवल सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, निर्णय लेने की क्षमता और अवसरों को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। खासतौर पर गृहिणियों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर योजनाएं तैयार की गई हैं।

जड़ों को सींचने से मजबूत भविष्य

उन्होंने कहा कि विकास तभी टिकाऊ होता है जब उसकी जड़ें मजबूत हों। महिलाओं को संसाधन, भरोसा और देखभाल का सहयोग मिलने से विकास अधिक न्यायसंगत और स्थायी बनता है—यही झारखंड का मूल दर्शन है।

स्वयं सहायता समूह बने बदलाव की ताकत

झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी—झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के माध्यम से संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह ये समूह स्थानीय उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और छोटे उद्यमों के जरिए महिलाओं में नेतृत्व और आत्मनिर्भरता पैदा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘लोग-केन्द्रित’ शासन

कल्पना सोरेन ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का शासन मॉडल संसाधनों से अधिक लोगों और संकीर्ण आर्थिक आंकड़ों से अधिक जीवन की गुणवत्ता को प्राथमिकता देता है। उनका विश्वास है कि जब महिलाएं शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो वे न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के सतत विकास की आधारशिला बनेंगी।

वैश्विक साझेदारी का आह्वान

कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से झारखंड के साथ जुड़ने और महिला-नेतृत्व वाले इस सामुदायिक विकास मॉडल को जमीन पर देखने का निमंत्रण दिया—एक ऐसा मॉडल, जो स्थानीय जड़ों से जुड़कर वैश्विक भविष्य की ओर बढ़ता