खाड़ी संकट को लेकर केंद्र सरकार सतर्क, PM आज मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे समीक्षा बैठक

खाड़ी संकट को लेकर केंद्र सरकार सतर्क, PM आज मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे समीक्षा बैठक

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 27, 2026, 12:49:00 PM

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके संभावित असर को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक करने जा रहे हैं। यह संवाद उन राज्यों के साथ होगा जहां फिलहाल चुनाव प्रक्रिया नहीं चल रही है। जिन राज्यों में चुनाव प्रस्तावित हैं (तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी) वहां के मुख्य सचिवों से अलग-अलग चर्चा की जाएगी।

खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम के बाद यह पहला अवसर है जब प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए सीधे संवाद करेंगे। बैठक में राज्यों की तैयारियों, आपूर्ति प्रबंधन और संभावित चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों की समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत सभी राज्यों के साथ मिलकर एक समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

प्रधानमंत्री पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को स्थिति से अवगत कराया है, वहीं सर्वदलीय बैठक के माध्यम से विपक्ष के सवालों का भी जवाब दिया गया। अब राज्यों के साथ संवाद कर जमीनी स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति के संदर्भ में राज्यों की भूमिका अहम मानी जा रही है, क्योंकि तेल और गैस की उपलब्धता से जुड़े प्रबंधन में राज्य स्तर पर समन्वय जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बैठक बुलाई गई है।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में संकेत दिया था कि पश्चिम एशिया का यह संकट लंबा खिंच सकता है। उन्होंने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की, साथ ही कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि देश ने पहले भी कठिन परिस्थितियों का सामना किया है और इस बार भी एकजुटता से स्थिति को संभाला जा सकता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं है। साथ ही यह भी बताया गया है कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है, जो लगभग 60 दिनों तक की जरूरतों को पूरा कर सकता है। आम जनता से अपील की गई है कि ईंधन की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थिति को लेकर अनावश्यक चिंता से बचें।