असम : हाथियों के झुंड से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, इंजन समेत 5 कोच पटरी से उतरे, 7 हाथियों की मौ*त

असम : हाथियों के झुंड से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, इंजन समेत 5 कोच पटरी से उतरे, 7 हाथियों की मौ*त

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 20, 2025, 3:06:00 PM

असम के नागांव जिले में शनिवार तड़के एक भीषण रेल दुर्घटना सामने आई, जब सैरांग–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (20507 डाउन) जंगली हाथियों के एक झुंड से टकरा गई। यह हादसा लुमडिंग रेल मंडल के जमुनामुख–कांपुर सेक्शन में सुबह लगभग 2:15 बजे के आसपास हुआ।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन गुवाहाटी से करीब 126 किलोमीटर दूर कांपुर क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक हाथियों का झुंड ट्रैक पर आ गया। लोको पायलट ने स्थिति भांपते ही आपातकालीन ब्रेक लगाए, लेकिन तेज रफ्तार और बेहद कम दूरी के कारण टक्कर को टाला नहीं जा सका। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इंजन और पांच डिब्बे पटरी से उतर गए

इस हादसे में सात हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक हाथी का बच्चा गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रेन में सवार किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। रेलवे ने पुष्टि की है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफ रेलवे) के महाप्रबंधक, लुमडिंग डिवीजन के डीआरएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे और बहाली कार्यों की निगरानी की। प्रभावित कोचों में सफर कर रहे यात्रियों को अन्य डिब्बों की खाली बर्थों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया।

क्षतिग्रस्त डिब्बों को अलग करने के बाद ट्रेन को सुबह गुवाहाटी तक ले जाया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वहां अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे, जिसके बाद राजधानी एक्सप्रेस अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू करेगी। उल्लेखनीय है कि इस ट्रेन सेवा की शुरुआत सितंबर 2025 में ही की गई थी।

रेल परिचालन पर असर

दुर्घटना के चलते संबंधित रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। फिलहाल इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों को अप लाइन के माध्यम से डायवर्ट किया गया है। रेलवे का कहना है कि ट्रैक की मरम्मत और बहाली का कार्य तेजी से पूरा कर लिया गया है और जल्द ही दोनों लाइनों पर सामान्य परिचालन शुरू हो जाएगा।

गौर करने वाली बात यह है कि दुर्घटनास्थल अधिसूचित हाथी कॉरिडोर में शामिल नहीं है, इसके बावजूद हाथियों का ट्रैक पर आना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। असम में जंगलों के पास से गुजरने वाले रेल मार्गों पर इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। रेलवे और वन विभाग मिलकर ऐसे हादसों को रोकने के लिए लगातार नए उपायों पर काम कर रहे हैं।