वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत को राहत! ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती, लॉकडाउन की अटकलों को सरकार ने बताया निराधार

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत को राहत! ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती, लॉकडाउन की अटकलों को सरकार ने बताया निराधार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 28, 2026, 11:43:00 AM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। कई देशों में ईंधन की कमी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, जिससे कहीं आंशिक लॉकडाउन तो कहीं बिजली संकट जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। इस अस्थिर माहौल के बीच भारत सरकार ने आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

राज्यसभा में वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार ने 10-10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी घटा दी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर न पड़े, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है। सरकार का लक्ष्य तेल कंपनियों को कीमतें बढ़ाने से रोकना और बाजार में स्थिरता बनाए रखना है।

वित्त मंत्री ने स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि भारत में युद्ध की वजह से लॉकडाउन लागू होने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने ऐसी चर्चाओं को निराधार और भ्रामक बताते हुए राजनीतिक दलों से अपील की कि वे जनता के बीच डर या भ्रम फैलाने से बचें।

जहां भारत स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं पड़ोसी देशों में हालात काफी गंभीर हो चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जबकि हाई-ऑक्टेन ईंधन के दाम कई गुना बढ़ गए हैं। पेट्रोल की कीमत करीब 321 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। ईंधन की खपत कम करने के लिए सिंध प्रांत में स्मार्ट लॉकडाउन लागू किया गया है, स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और सरकारी कार्यालयों में कार्यदिवस घटाकर चार दिन कर दिए गए हैं। कई निजी संस्थानों ने भी वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था अपनाई है।

इसी तरह बांग्लादेश में ऊर्जा संकट और गहरा गया है। राजधानी ढाका में रोजाना कई घंटों की बिजली कटौती हो रही है। शैक्षणिक संस्थान बंद हैं और पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से कराई जा रही है। ईंधन की कमी के चलते कई पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं और सरकार ने आपूर्ति में भी कटौती की है।

वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जहां अन्य देशों ने करों में राहत नहीं दी, वहीं भारत ने करों में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने का प्रयास किया है।