नयी दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में बिहार और महाराष्ट्र से संबंधित पार्टी के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान सीमांचल, बिहार में सड़क संपर्क, बुनियादी ढांचा, जनसुरक्षा तथा शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना एवं विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे प्रस्तुत किए गए।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित मोरग्राम–मालदा–मुर्शिदाबाद–सिलीगुड़ी फोर-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के संबंध में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि बारसोई, कटिहार से होकर गुजरने वाले प्रस्तावित अलाइनमेंट में बारसोई को बरकरार रखा जाए। प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित योजना में संभावित बदलाव की खबरों पर चिंता व्यक्त की, जिससे बारसोई को नजरअंदाज किए जाने की आशंका है। इससे क्षेत्र के विकास, रोजगार के अवसरों, व्यापार और सड़क संपर्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
सांसद ओवैसी ने बिहार को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाले छह महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थायी आरसीसी/कंक्रीट पुलों के निर्माण के साथ-साथ बारसोई अनुमंडल में 10 अतिरिक्त घाटों के निर्माण की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और स्थायी आवागमन की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मालेगांव, धुले, जलगांव और आसपास के क्षेत्रों से मुंबई की ओर यात्रा करने वाले लोगों को होने वाली समस्याओं को भी उठाया। इनमें लगभग 100 स्पीड ब्रेकर, टोल प्लाजा पर फास्टैग स्कैनर्स के खराब प्रदर्शन के कारण होने वाली देरी, सड़कों और फ्लाईओवर के निर्माण एवं रखरखाव से जुड़ी चिंताएं तथा इस मार्ग पर होने वाली घातक सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाने के मुद्दे शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संबंधित अधिकारियों, जिनमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भी शामिल है, के समक्ष बार-बार प्रतिनिधित्व दिए जाने के बावजूद इनमें से कई समस्याएं अभी भी लंबित हैं। इसलिए संबंधित केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया गया कि वे हस्तक्षेप करें और जनसुरक्षा, सुविधा तथा क्षेत्रीय संपर्क को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से भी मुलाकात की और बिहार के कटिहार जिले में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल की स्थापना के लिए एक प्रतिनिधित्व प्रस्तुत किया, ताकि आदिवासी एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों से संबंधित पात्र विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। प्रतिनिधिमंडल ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, किशनगंज सेंटर, बिहार के समग्र विकास के लिए भी एक अन्य प्रतिनिधित्व प्रस्तुत किया। इसमें 29 शिक्षण पदों की शीघ्र स्वीकृति, निर्माण कार्य को प्रभावित करने वाली NMCG से संबंधित पाबंदी के समाधान तथा सेंटर के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपये में से शेष 90 करोड़ रुपये जारी करने पर जोर दिया गया। प्रतिनिधित्व ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय किशनगंज सेंटर को पर्याप्त फैकल्टी, शैक्षणिक बुनियादी ढांचे, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाओं से युक्त एक पूर्ण विश्वविद्यालय केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों से उच्च शिक्षा को मजबूत करने तथा किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में असदुद्दीन ओवैसी के साथ बिहार के अख्तरुल ईमान, फ्लोर लीडर, बिहार विधानसभा, सरवर आलम, विधायक, मुर्शिद आलम, विधायक, तौसीफ आलम, विधायक, गुलाम सरवर, विधायक, आदिल हसन, एडवोकेट एवं यूथ प्रेसिडेंट, बिहार तथा महाराष्ट्र के मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल कासमी, विधायक, मालेगांव, सहित अन्य लोग मौजूद थे।