विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद केंद्र ने AAIB को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद केंद्र ने AAIB को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 28, 2026, 2:44:00 PM

वरिष्ठ नेता शरद पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद केंद्र सरकार ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए उच्च स्तरीय तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे की पूरी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के जिम्मे होगी, जो देश में हवाई दुर्घटनाओं की स्वतंत्र जांच करने वाली शीर्ष एजेंसी है।

किस विमान से जुड़ा है मामला
प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार, जिस विमान में शरद पवार यात्रा कर रहे थे, वह दिल्ली की निजी एविएशन कंपनी VSR Ventures Private Limited के बेड़े में शामिल था। यह विमान ‘लियरजेट 45’ श्रेणी का बिजनेस जेट था, जिसे मिड-साइज़ कॉरपोरेट जेट की कैटेगरी में रखा जाता है।

हादसा उस समय हुआ जब विमान लैंडिंग प्रक्रिया में था। बताया जा रहा है कि उतरते वक्त विमान रनवे से संतुलन खो बैठा, पास के इलाके में जा गिरा और टकराते ही उसमें भीषण आग लग गई।

AAIB कैसे करेगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, AAIB की एक विशेष टीम बुधवार दोपहर तक दुर्घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। जांच की शुरुआत विमान के ब्लैक बॉक्स—फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR)—को सुरक्षित करने से होगी। इसके बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच हुई अंतिम बातचीत का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा।

जांच एजेंसी का ध्यान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर रहेगा:

  • क्या दुर्घटना किसी तकनीकी खामी का नतीजा थी

  • खराब मौसम और कम दृश्यता की भूमिका कितनी अहम रही

  • रनवे की स्थिति और नेविगेशन सिस्टम लैंडिंग के समय कितने प्रभावी थे

VSR Ventures के सुरक्षा रिकॉर्ड पर भी नजर
दुर्घटनाग्रस्त विमान, जिसका पंजीकरण नंबर VT-SSK बताया जा रहा है, दिल्ली के वसंत कुंज स्थित VSR Ventures द्वारा संचालित किया जा रहा था। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि:

  • यह Learjet 45 मॉडल का विमान था

  • कंपनी का एक अन्य विमान वर्ष 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है

  • उस घटना के बाद भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे थे

  • मौजूदा हादसे वाले दिन विमान ने सुबह करीब 8:10 बजे उड़ान भरी थी और लगभग 35 मिनट बाद रडार संपर्क टूट गया

इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अब कंपनी के ऑपरेशनल रिकॉर्ड और सेफ्टी प्रोटोकॉल की भी गहन जांच की जा रही है।

घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि लैंडिंग के समय इलाके में घनी धुंध छाई हुई थी। दृश्यता बेहद कम थी और रनवे की लाइट्स भी साफ नजर नहीं आ रही थीं। कुछ सूत्रों का दावा है कि पहली बार लैंडिंग असफल रहने के बाद पायलट ने दोबारा उतरने की कोशिश की, लेकिन उसी प्रयास के दौरान विमान रनवे से भटक गया और हादसा हो गया।

प्रशासन अलर्ट, राजकीय शोक की तैयारी
हादसे की खबर मिलते ही राज्य सरकार और जिला प्रशासन हरकत में आ गया। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेता घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। परिजन भी मौके पर पहुंच रहे हैं और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अंतिम संस्कार और राजकीय सम्मान से जुड़ी औपचारिक जानकारी अलग से जारी की जाएगी। फिलहाल राज्य में तीन दिनों के राजकीय शोक की तैयारी की जा रही है, जिसके चलते सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।