मुंबई एयरपोर्ट पर अनोखा प्रसव! ट्रांजिट में फंसी विदेशी महिला ने एंबुलेंस में दिया बच्ची को जन्म, मां-बेटी सुरक्षित

मुंबई एयरपोर्ट पर अनोखा प्रसव! ट्रांजिट में फंसी विदेशी महिला ने एंबुलेंस में दिया बच्ची को जन्म, मां-बेटी सुरक्षित

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 12, 2026, 5:07:00 PM

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार तड़के एक असाधारण घटना देखने को मिली, जिसने यह साबित कर दिया कि एयरपोर्ट केवल यात्राओं की आवाजाही तक सीमित नहीं होते, कई बार वे जिंदगी के सबसे यादगार पलों के भी गवाह बन जाते हैं।

दरअसल, एक विदेशी महिला यात्री ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट की एंबुलेंस में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दे दिया। इस पूरी स्थिति में महिला के साथ कोई परिजन नहीं, बल्कि केवल एयरपोर्ट का मेडिकल स्टाफ मौजूद था। समय पर लिए गए निर्णय और सतर्कता के चलते मां और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं।

गौरतलब है कि मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा किया जाता है।

ट्रांजिट एरिया में अचानक बिगड़ी हालत, तीन मिनट में पहुंची मेडिकल टीम

यह घटना 10 फरवरी 2026 की सुबह की है। एयरपोर्ट प्रशासन को सुबह करीब 5:17 बजे सूचना मिली कि इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांजिट ज़ोन में एक महिला यात्री को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है।

जानकारी मिलते ही नजदीकी मेडिकल यूनिट को सक्रिय किया गया और लगभग तीन मिनट के भीतर डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच में पता चला कि 26 वर्षीय महिला तंज़ानिया की नागरिक है और वह कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए ट्रांजिट में थी। इसी दौरान उसे तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी और डिलीवरी के लक्षण स्पष्ट थे।

तेजी से औपचारिकताएं पूरी, एंबुलेंस से अस्पताल रवाना

स्थिति को गंभीर देखते हुए एयरपोर्ट स्टाफ ने बिना देर किए महिला को स्ट्रेचर पर एंबुलेंस में शिफ्ट किया। मेडिकल स्टाफ के साथ-साथ एयरलाइन कर्मियों, लोडर्स और इमिग्रेशन अधिकारियों ने भी तेजी से जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराईं।

इसके बाद सुबह करीब 5:40 बजे एंबुलेंस को नजदीकी अस्पताल के लिए रवाना कर दिया गया।

रास्ते में ही हुई डिलीवरी, एंबुलेंस में गूंजी बच्ची की पहली किलकारी

हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की प्रसव पीड़ा और बढ़ गई। मेडिकल टीम ने हालात को समझते हुए एंबुलेंस के अंदर ही डिलीवरी की तैयारी शुरू कर दी।

सुबह लगभग 5:45 बजे, अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही महिला ने एंबुलेंस में एक बच्ची को जन्म दे दिया। बच्ची के जन्म लेते ही रोने की आवाज आई, जिसे डॉक्टरों ने उसके स्वस्थ होने का संकेत बताया।

मेडिकल टीम ने तुरंत शुरुआती उपचार शुरू किया, गर्भनाल को सुरक्षित तरीके से क्लैम्प किया गया और मां-बच्ची के बीच स्किन-टू-स्किन केयर भी सुनिश्चित की गई।

इस डिलीवरी में डॉ. कृतिका, डॉ. मधु और डॉ. किसलय की भूमिका रही। उनके साथ पैरामेडिक्स माधुरी और अशोक तथा एंबुलेंस चालक ओमकार भी मौजूद थे, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम के दौरान सहयोग किया।

अस्पताल में भर्ती, दोनों की हालत स्थिर

प्रसव के बाद मां और नवजात को अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने आगे की मेडिकल प्रक्रिया पूरी की। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मां और बच्ची दोनों की स्थिति स्थिर है और किसी तरह की जटिलता सामने नहीं आई है।

महिला यात्री ने अस्पताल पहुंचने के बाद कहा कि अनजान देश में अचानक आई इस आपात स्थिति में मुंबई एयरपोर्ट की टीम और विशेष रूप से मेडिकल स्टाफ ने जिस तरह मदद की, उसके लिए वह बेहद आभारी हैं।

टीमवर्क बना सबसे बड़ी ताकत

इस पूरी घटना में एयरपोर्ट मेडिकल टीम, एंबुलेंस स्टाफ, सुरक्षा कर्मी, इमिग्रेशन अधिकारी और एयरलाइन प्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।

एयरपोर्ट प्रशासन ने भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए टीम पूरी तरह प्रशिक्षित है।

यह घटना केवल एक मेडिकल इमरजेंसी नहीं, बल्कि भरोसे और मानवता की ऐसी कहानी बन गई, जहां एक महिला को अनजान माहौल में भी सुरक्षित मातृत्व मिला और एक नवजात ने अपनी पहली सांस मुंबई एयरपोर्ट की एंबुलेंस में ली।