झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए मंझारी थाना क्षेत्र के उलीडीह गांव में बड़ी छापेमारी की। उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देश पर उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया, जिसमें अवैध शराब निर्माण से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।
छापेमारी के दौरान टीम ने गांव में संचालित अवैध शराब बनाने की भट्टी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। मौके से करीब 2000 किलोग्राम जावा महुआ को नष्ट किया गया, जो शराब बनाने के लिए तैयार किया गया था। इसके अलावा लगभग 90 लीटर तैयार अवैध शराब भी बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान एक दुकान से करीब साढ़े छह लीटर बियर भी जब्त की गई। टीम ने शराब बनाने में उपयोग होने वाले उपकरणों को भी कब्जे में लेकर अवैध गतिविधियों की कमर तोड़ने का प्रयास किया।
इस मामले में उत्पाद विभाग ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। छापेमारी के दौरान चंद्रमोहन सवैया को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि श्याम सिंह मुंडा, बीरू मुंडा, रुई मुंडा और चंद्र मुंडा मौके से फरार हो गए। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि इस अवैध धंधे पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।