कोल्हान के जंगलों में भीषण मुठभेड़! सुरक्षाबलों की कार्रवाई में एक नक्सली ढेर, इलाके में हाई अलर्ट

कोल्हान के जंगलों में भीषण मुठभेड़! सुरक्षाबलों की कार्रवाई में एक नक्सली ढेर, इलाके में हाई अलर्ट

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 29, 2026, 2:45:00 PM

झारखंड के चाईबासा जिले में स्थित कोल्हान रिजर्व वन क्षेत्र एक बार फिर हिंसा की आवाज़ों से गूंज उठा। बुधवार तड़के टोंटो थाना क्षेत्र के रूटागुटू के दुर्गम जंगलों में सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित माओवादी संगठन के सदस्यों के बीच आमना-सामना हुआ, जिसमें एक उग्रवादी मारा गया। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है और इसकी पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। घटनास्थल से हथियारों के साथ अन्य संदिग्ध सामान भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

यह मुठभेड़ इस बात का संकेत मानी जा रही है कि सारंडा और कोल्हान के घने वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच टकराव अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। हालांकि लगातार अभियानों के बावजूद इस क्षेत्र में उग्रवादी नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इलाके की भौगोलिक जटिलता और माओवादियों की छापामार रणनीति अब भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। विशेष रूप से कुख्यात नेता मिसिर बेसरा के दस्ते की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को पहले से सूचना मिली थी कि माओवादी एक दल रूटागुटू के पहाड़ी और घने जंगलों में मौजूद है। इसी इनपुट के आधार पर कोबरा 209 बटालियन और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे जैसे ही जवानों ने इलाके में आगे बढ़ना शुरू किया, पहले से घात लगाए बैठे माओवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे पूरा इलाका कुछ समय के लिए संघर्ष क्षेत्र में बदल गया।

बताया जा रहा है कि बीते दो दिनों से सुरक्षाबल गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बोरोई और तूनबेड़ा इलाकों में गहन तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान माओवादियों को इस गतिविधि की भनक लग गई और उन्होंने रणनीति के तहत रूटागुटू के जंगलों में मोर्चा संभाल लिया।

हाल ही में गोइलकेरा इलाके में पूर्व माओवादी रमेश चांपिया की हत्या ने भी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था। इसके बाद से लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि माओवादी फिर से इस क्षेत्र में सक्रिय हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, वे अब बड़े समूहों में नहीं बल्कि छोटे-छोटे दलों में बंटकर हमले कर रहे हैं, जिससे वे तेजी से वार कर सुरक्षित निकल सकें।

मुठभेड़ के बाद पूरे कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सुरक्षाबल अब आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिसमें ड्रोन के जरिए जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अतिरिक्त बलों को भी मौके पर भेजा गया है और संभावित भागने के रास्तों को घेराबंदी कर बंद किया जा रहा है।